मुंबई की एक महिला की अनोखी कानूनी लड़ाई दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गई है। महिला अपने पति से नफरत करती है और उनके बीच गंभीर वैवाहिक विवाद चल रहा है। इन सबके बावजूद, महिला ने मांग की है कि वह अपने पति के स्पर्म (शुक्राणु) का इस्तेमाल करके ही एक बच्चे को जन्म देना चाहती है।
महिला ने इस मामले में कानूनी अनुमति हासिल करने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। आमतौर पर आईवीएफ (IVF) या स्पर्म के इस्तेमाल के लिए दोनों पक्षों की कानूनी और मेडिकल सहमति आवश्यक होती है। पति के साथ संबंधों में कड़वाहट के कारण इस सहमति पर विवाद खड़ा हो गया है।
अब दिल्ली हाई कोर्ट इस अप्रत्याशित और जटिल मामले पर सुनवाई कर रहा है। यह कानूनी लड़ाई प्रजनन अधिकारों, मेडिकल नियमों और व्यक्तिगत अधिकारों के टकराव का एक दुर्लभ मामला बन गई है, जिस पर अदालत का रुख तय होना बाकी है।



