अमृतधारा ब्यूरो चीफ अभय कुमार दीक्षित उन्नाव। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने राजनीतिक बयानों पर अपनी बेबाक राय व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने जिला अस्पताल का निरीक्षण कर मरीजों से स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी भी ली। पत्रकारों से बात करते हुए अपर्णा यादव ने दो प्रमुख विवादास्पद बयानों पर अपनी राय रखी। उन्होंने दर्जा प्राप्त मंत्री रघुराज प्रताप के एक बयान का समर्थन किया, जबकि बिहार चुनाव के नतीजों पर विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के अध्यक्ष मुकेश सहनी के आरोप को ‘अजीबोगरीब’ और ‘राष्ट्रद्रोह जैसा’ बताया। दर्जा प्राप्त मंत्री रघुराज प्रताप ने कथित तौर पर कहा था कि ‘मस्जिद, एएमयू और मदरसे से आतंकवादी निकलते हैं, इन्हें बंद कर देना चाहिए’। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अपर्णा यादव ने इसका समर्थन किया। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने जो बोला है, कहीं न कहीं इसमें सत्यता है।’ हालांकि, उन्होंने अपनी बात स्पष्ट करते हुए यह भी जोड़ा कि आतंकवाद किसी एक धर्म से जुड़ा मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा, ‘मैं बस इतनी बात बोलूंगी कि कहीं से भी कोई भी व्यक्ति निकल सकता है। आतंकवाद का कोई एक रिलीजन वाली बात नहीं होती है।’ अपर्णा यादव ने जोर दिया कि समाज में गुमराह हुए लोगों को सुधारने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘परंतु हमें हमारे समाज में जो लोग गुमराह हो गए हैं, उनको ठीक करना पड़ेगा और अगर वो ठीक नहीं हो पा रहे हैं, तो उनको दंड भी देना पड़ेगा।’ बिहार चुनाव में शून्य सीट पर रही विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के अध्यक्ष मुकेश सहनी ने आरोप लगाया था कि एनडीए ने महिलाओं को 10 हजार रुपए देकर चुनाव प्रभावित किया। सहनी ने कहा था, ’10 हजार में बिहार सरकार मिलती है।’ इस बयान पर अपर्णा यादव ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, ‘मैं समझती हूं कि इस प्रकार के अजीबोगरीब बयान नहीं देने चाहिए। इलेक्शन कमीशन देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को बनाए रखने वाली सर्वप्रथम संस्था है। ऐसी संस्था के बारे में कहना राष्ट्रद्रोह जैसा है। उनको अपनी वाणी पर लगाम रखनी चाहिए।’

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