गुहला चीका/गुरदेव जोसन/हुक्म मैहला/दैनिक अमृत धारा/25 सितंबर/धान की फसल की मण्डियो में आ tvवक शुरु हो गई है, जिसके उपरान्त अवशेषों में आगजनी की घटनाओ को रोकने हेतू जिला उपायुक्त द्वारा ग्राम व खण्ड स्तर पर टीने नियुक्त की दी गई है। जिस उपरान्त कृषि विभाग द्वारा किसानों को पराली जलाने रों सख्त परहेज करने हेतू लगातार फिल्ड को दौरा किया जा रहा है। पराली जलाने से केवल पर्यावरण ही नही बलकि खेत की उर्वरा शक्ति भी खत्म होती है। किसानों को अपनी भूमि पर्यावरण एवं वायु को बचाने के लिए फसल अवशेष प्रबंधन करना चाहिए। ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण एवं स्वस्थ भूमि मिल सके। कृषि विभाग द्वारा फसल अवशेषों में आग लगाने वाले किसानों को रोकने हेतू सम्बधित विभागो के साथ मिलकर प्रयास किये जा रहे, जिसके परिणाम स्वरुप कृषि विभाग द्वारा में जीरो बर्निंग का लक्ष्य रखा गया है। माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा भी वातावरण को धुआ रहित बनाने के लिए सख्त तलब किया गया है। इसको लेकर गाँव में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए है, जो कही पर भी पराली जलाने की सुचना पर मौके पर पहुँचेंगे। इसके इलावा कलस्टर, उपमण्डल, खण्ड स्तर व ग्राम स्तर पर अधिकारियो/ कर्मचारियो की टीमें गठित कर दी गई है जोकि लगातार क्षेत्र को दौरा करेंगी।
कृषि विभाग की टिप्पणी
- ग्राम स्तर व स्कूलो, कॉलजो मे किया जा रहा जागरुक डॉ कन्चन शर्मा, उपमण्डल कृषि अधिकारी
द्वारा बताया गया रोजाना विभाग द्वारा किसानों फसल के अवशेषों को प्रबध करने हेतू जागरुक किया जा – रहा है। विभाग द्वारा जागरुकता अभियान हेतू दिनांक 25.09.2025 को
गोंद कागॅथली, बलबेहडा, गुहला, दाबा, भागल, सौथा, भूना, माजरी, खेडी गुलाम अली में कैम्प लगायें। डॉ-कन्चनं द्वारा बताया गया कि. पराली प्रबन्धन करने वाले किसानों को इस बार एक हजार रुपये प्रति एकड की जगह 1200 रुपये दिए जाएगें।
- फसल अवशेषों प्रबन्धन के सफल संचालन हेतू कन्ट्रोल की स्थापना कृषि विभाग द्वारा बताया गया कि फसल अवशेष में आगजनी की घटनाओं से सम्बधित शिकायतों के समाधान के लिए कन्ट्रोल रुम की स्थापना की गई है जिसका दूरभाष नम्बर- 01743-220135 है। इस नम्बर पर फसल अवशेष प्रबन्धन की किसी भी प्रकार की समास्या के निर्वारण के लिए किसान सम्पर्क कर सकतें है।
- फसल अवशेषों में आग लगाने पर एफ०आई०आर०, जुर्माना और मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर किया जायेगा रेड एंट्री प्रत्येक गाँव में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए है, जो कही पर भी पराली जलाने की सूचना पर मौके पर पहुँचेंगे। अगर कोई किसान अवशेषों को जलाते हुए पाया गया तो विभाग द्वारा इस प्रकार से चलाने / जुर्माना लेने का प्रावधान है।
पिछले वर्ष के जुर्माना विवरण
किमी0s0
01
2 एकड तक प्रति एकड
2500 रुपये जुर्माना
2 एकड से पाँच एकड
5000 हजार जुर्माना
पाँच एकड से अधिक 15000 जुर्माना
किमी0s0
01
2 एकड तक प्रति एकड
इस वर्ष के नई जुर्माना विवरण
2 एकड से पाँच एकड
पाँच एकड से अधिक
5000 रुपये जुर्माना…
10000 हजार जुर्माना
30000 जुर्माना
इसके साथ आगजनी करने वाले किसान पर उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार एफ०आई०आर०, व मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर रेङ, एन्ट्री इन्द्राज किया जायेगा जिससे किसान एम०एस०पी० पर फसल नहीं बेच पायेगे। और भविष्य में किसी भी सरकारी स्कीम का लाभ नहीं ले पायेगों



