उत्तर भारत के अंजनपुर शहर में एक छोटा सा खुशहाल परिवार रहता था। राधिका और विक्रम भले ही उनकी कमाई कम थी, लेकिन दोनो में प्यार बेशुमार था।
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। एक सुबह अचानक विक्रम के सीने में तेज दर्द हुआ और वह फर्श पर गिर पड़ा। डॉक्टर ने कहा, “दिल का बड़ा ऑपरेशन करना होगा। खर्चा 15 लाख रुपये आएगा। तुरंत पैसे जमा कराओ वरना इन्हें नहीं बचा पाएंगे..???
15 लाख…???
राधिका के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने अपने जेवर बेचे, रिश्तेदारों के पैर पकड़े, लेकिन 15 लाख का इंतजाम नहीं हो पाया। आईसीयू (ICU) के बाहर वह बेबस रो रही थी।
तभी उसे सीनियर डॉक्टर ने केबिन में बुलाया। राधिका अंदर गई तो दंग रह गई। वह डॉक्टर कोई और नहीं, उसका कॉलेज का पुराना दोस्त रोहन था। वही रोहन जिसे राधिका ने कभी रिजेक्ट कर दिया था क्योंकि वह आवारा था।
रोहन अपनी कुर्सी पर झुका और एक शैतानी मुस्कान के साथ बोला “राधिका, मैं तुम्हारे पति का पूरा इलाज मुफ्त में कर सकता हूँ..???
लेकिन मेरी एक शर्त है…
राधिका ने हाथ जोड़कर कहा, “भैया, आप जो बोलोगे मैं करुँगी, बस मेरे सुहाग को बचा लो..???
रोहन ने कहा, “मुझे पैसा नहीं चाहिए। मुझे तुम चाहिए। एक रात के लिए मेरे साथ होटल चलो। अगर तुम मेरी हो जाओगी, तो तुम्हारा पति बच जाएगा..???
राधिका सन्न रह गई। एक तरफ उसकी इज्जत, दूसरी तरफ पति की जान। विक्रम की सांसें गिनी-चुनी बची थीं। अंत में, एक पत्नी की ममता और प्रेम जीत गया। उसने अपनी आबरू का सौदा कर लिया।
वह काली रात…
होटल के कमरे में रोहन ने उसे हाथ नहीं लगाया, लेकिन अपनी बातों से उसकी आत्मा को छलनी कर दिया।
देखा राधिका..???
आज तुम मेरी मुट्ठी में हो। तुम्हारी कीमत बस 15 लाख है।पूरी रात उसने राधिका को जलील किया। सुबह होते ही उसने चेक फेंक कर मारा और कहा, “जाओ, तुम्हारा का�



