यमुनानगर (अंजू प्रवेश कुमारी दैनिक अमृत धारा )नगर निगम के वार्ड-14 क्षेत्र में स्थित औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला रासायनिक अपशिष्ट अब आम लोगों के लिए गंभीर मुसीबत बनता जा रहा है। नालों के माध्यम से छोड़ा जा रहा यह दूषित पानी खुले में बह रहा है, जिससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है बल्कि स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से इस समस्या की अनदेखी की जा रही है। दूषित पानी के कारण बदबू फैल रही है, मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और बच्चों व बुजुर्गों में त्वचा रोग, सांस की तकलीफ, पेट संबंधी बीमारियां और एलर्जी के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। कई परिवारों ने बताया कि घरों के आसपास जमा गंदे पानी से सामान्य जीवन दूभर हो गया है।
वार्ड-14 के निवासियों ने एकजुट होकर प्रशासन से मांग की कि औद्योगिक इकाइयों द्वारा छोड़े जा रहे रसायनिक पानी की तत्काल जांच कराई जाए। लोगों का आरोप है कि बिना किसी ट्रीटमेंट के जहरीला पानी सीधे नालों में छोड़ा जा रहा है, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं, नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जानकारी ली जा रही है और जांच के बाद दोषी औद्योगिक इकाइयों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल वार्ड-14 के लोग स्वच्छ वातावरण और सुरक्षित स्वास्थ्य की मांग को लेकर प्रशासन की ओर आशाभरी नजरों से देख रहे हैं। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग कब तक इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकाल पाते हैं।

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