🍂 किसी को इतनी छूट कभी मत दो
कि उसकी छोटी सोच
तुम्हारे आत्मसम्मान की चौखट तक आ पहुँचे।
याद रखो,
रिश्तों में विनम्रता सुंदर होती है,
पर स्वयं को छोटा कर देना
किसी भी प्रेम या अपनापन की शर्त नहीं होती।
कुछ लोग अपनी सीमित सोच के
खुरदरे कदमों से
दूसरों की गरिमा पर चलना चाहते हैं,
पर इसका अर्थ यह नहीं
कि हम अपनी आत्मा का आँगन
उनके लिए बिछा दें।
जो मन बार-बार तुम्हें
हीनता का अहसास कराए,
वह अपनापन नहीं
बल्कि तुम्हारी रोशनी को कम करने की कोशिश है।
इसलिए अपनी मर्यादा की डोर
अपने ही हाथों में रखो…
क्योंकि जो स्वयं की कीमत जानता है
वह किसी की घटिया सोच के आगे
कभी छोटा नहीं होता।
और सच तो यह है
सम्मानित आत्मा को गिराने की कोशिश करने वाले लोग
अक्सर खुद ही अपनी सोच की ऊँचाई बता देते हैं।
तुम बस अपने आत्मसम्मान की ढाल थामे रखो,
क्योंकि जो भीतर से मजबूत होता है
उसे किसी की तुच्छ सोच
कभी सच में छोटा नहीं कर सकती…#SONY



