इस्माईलाबाद, दैनिक अमृतधारा विजय वधवा
समय की ऐसी मार पड़ी कि परिवार में तीन सदस्य और तीनों बीमार, सिर पर छत नहीं, परिवार को घर बनाना लग रहा था न पूरा होने वाला सपना। डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालुओं ने परिवार का दुख समझा और तीन दिनों में ही घर बना दिया। बात कर रहे हैं मंधेडी ब्लॉक के गांव मीरापुर में रहने वाले पृथ्वी सिंह की। पृथ्वी सिंह उसकी पत्नी फुलवती व बेटा संदीप तीनों ही बीमार हैं। परिवार के पास आय का साधन नहीं है। ऐसे में मकान बनाना इस परिवार के लिए पूरा न होने वाले सपने जैसा लग रहा था। जब इस बारे में डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों को पता चला तो सेवादारों के हाथ मदद को उठ खडे हुए और देखते ही देखते इस परिवार का मकान बना कर दे दिया।
डेरा सच्चा सौदा से सेवादार डा. दलजीत, सुरेश, रामस्वरूप ने बताया कि इस परिवार की तरफ से सेवादारों को अपनी दिक्कत बताई गई थी। परिवार मकान बनाने की स्थिति में नहीं था और परिवार को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में सेवादारों ने निश्चय किया कि इस परिवार को मकान बनाकर देना है और सिर्फ 3 दिन के अंदर ही सेवादारों ने इस परिवार को मकान बना दिया। इस दौरान दर्जनों की संख्या में सेवादारों ने सेवा का कार्य किया। इस दौरान मिस्त्री सेवादार मोहन लाल, कृष्ण सुलखनी, रामकुमार व सौरभ के अलावा विशाल, सुनील पाल, धर्मपाल, हर्ष पाल, सुरेंद्र, सुरेश, संजीव, विपिन अजरावर, महेशपाल के अलावा अन्य सेवादारों ने सेवा काम किया। मकान बनता देखकर पृथ्वी सिंह की आंखों में खुशी के आंसू थे। भावुक होते हुए पृथ्वी सिंह ने कहा कि उनके लिए मकान बनाना सपना हो रहा था। कमाई का कोई साधन नही है। लेकिन डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने तीन दिन के भीतर उसका मकान बना कर तैयार कर दिया है।
फोटो कैप्शन-22आईएसएम02-गांव मीरांपुर में मकान का लेंटर डालते हुए डेरा सच्चा सौदा के सेवादार।



