15 लाख रुपये कीमत का चोरी का माल बरामद

अमृतधारा ब्यूरो चीफ अभय कुमार दीक्षित उन्नाव। उन्नाव में पुलिस ने चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। कोतवाली सदर पुलिस ने एक चोर गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से लगभग 15 लाख रुपये का चोरी का सामान, अवैध हथियार और वाहन बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह के निर्देश पर और अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी एवं क्षेत्राधिकारी नगर के पर्यवेक्षण में की गई। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस को विभिन्न चोरी की घटनाओं के संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इनमें 6 अगस्त 2025 को सिविल लाइंस निवासी अरुण रश्मि, 19 फरवरी 2026 को गदनखेड़ा निवासी संदीप कुमार और 24 मार्च 2026 को नई बस्ती गदनखेड़ा निवासी कुलदीप द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे शामिल हैं। थाना माखी क्षेत्र में भी चोरी के मामले दर्ज किए गए थे। इन घटनाओं की जांच के दौरान पुलिस को गिरोह के सक्रिय होने की जानकारी मिली। 27 मार्च 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने कार्रवाई की। ललऊखेड़ा नहरिया डीह मोड़ मंदिर के पास घेराबंदी कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनकी पहचान शैलेंद्र उर्फ दीपू सविता, रविंद्र सिंह उर्फ बऊवा, जलेश उर्फ अयान, विशाल उर्फ अनुराग कुशवाहा और अमन सोनी के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान, अभियुक्त दीपू के पास से 315 बोर का अवैध तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। इसके अलावा आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के जेवरात, मंगलसूत्र, अंगूठियां, झुमकी, नथिया, पायल और बिछिया सहित बड़ी मात्रा में कीमती सामान मिला। अमन सोनी के पास से एलईडी टीवी, लैपटॉप, स्पीकर, एम्प्लीफायर और इनवर्टर बैटरी जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान भी बरामद किए गए। पुलिस ने एक मोटरसाइकिल और एक टेंपो भी जब्त किया है, जिनका उपयोग चोरी के सामान को ढोने में किया जाता था। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे कोतवाली सदर और माखी थाना क्षेत्रों में घरों और प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते थे। चोरी के बाद वे सामान ई-रिक्शा में लादकर कबाड़ियों और सुनारों को बेच देते थे और पैसे आपस में बांट लेते थे। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी शैलेंद्र उर्फ दीपू पर हत्या के प्रयास, चोरी, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और एनडीपीएस एक्ट समेत कई गंभीर मुकदमे पहले से दर्ज हैं। अन्य आरोपियों का भी आपराधिक इतिहास सामने आया है, जिससे स्पष्ट है कि यह एक संगठित गिरोह के रूप में सक्रिय थे। गिरफ्तारी करने वाली टीम में शहर कोतवाल चंद्रकांत मिश्र, दरोगा रविशंकर मिश्र, दरोगा अजय शर्मा, दरोगा अतुल कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल विजय कुमार शर्मा, हेड कांस्टेबल राजेश राय, कांस्टेबल महेश सिंह, कांस्टेबल शेर सिंह, कांस्टेबल सुशील कुमार, कांस्टेबल विकास गंगवार, कांस्टेबल दीपक चौरासिया शामिल रहे। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया है।

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