छछरौली,
पूर्व सांसद, पूर्व आईएएस अधिकारी एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता बृजेंद्र सिंह ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा जाति-पाति की राजनीति से आगे बढ़ने का नाम नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा जाति और धर्म की राजनीति छोड़ दे, तो जनता उससे रोजगार, विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और महंगाई जैसे असल मुद्दों पर सवाल पूछने लगेगी। इसी डर के कारण भाजपा देश की जनता को जाति और धर्म में बांटकर मूल मुद्दों से भटकाने का काम कर रही है।
बृजेंद्र सिंह यमुनानगर जिले में चल रही कांग्रेस की सद्भाव यात्रा के चौथे एवं अंतिम दिन आयोजित जनसभाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब जनता भाजपा की नीतियों और कार्यशैली को भली-भांति समझ चुकी है और बदलाव की बाट जोह रही है। आने वाले विधानसभा व लोकसभा चुनावों में देश और प्रदेश में कांग्रेस पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। कांग्रेस की सरकार बनने पर हर वर्ग को न्याय मिलेगा और 36 बिरादरी में भाईचारा और सद्भाव और मजबूत होगा।
उन्होंने बताया कि सद्भाव यात्रा के अंतिम दिन यमुनानगर जिले के कैल, काठवाला, मैहला वाली, मुसिंबल सहित दर्जनों गांवों में पैदल यात्रा कर जनसभाएं की गईं। इस दौरान ग्रामीणों से सीधा संवाद किया गया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। बृजेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति नफरत की नहीं, बल्कि जोड़ने की राजनीति है और यही कारण है कि पार्टी हर वर्ग को साथ लेकर चलती है।
इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि सद्भाव यात्रा कांग्रेस पार्टी की विचारधारा को जमीन तक पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में पार्टी के कार्यकर्ता बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और जनता का उत्साह यह साबित करता है कि कांग्रेस के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। सद्भाव यात्रा के दौरान कई पुराने साथी दोबारा कांग्रेस पार्टी से जुड़ रहे हैं और पार्टी में अपनी आस्था जता रहे हैं, जो संगठन की मजबूती का संकेत है।
कार्यक्रम में कांग्रेस संगठन के अनेक वरिष्ठ नेता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें जिला अध्यक्ष नरपाल सिंह, देवेंद्र सिंह, अमर सिंह बाल्टी, कांग्रेस इंटक फेडरेशन के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. राजेश गढ़िया, राष्ट्रीय प्रवक्ता नवाब खान आजाद, सरपंच धर्मपाल मेहलावाली, रमेश शर्मा, अमरजीत सिंह, मेजर सिंह, रामेश्वर धीमान सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और ग्रामीण शामिल रहे।



