लुधियाना (अरुण उप्पल) दैनिक अमृत धारा। कल टिब्बा रोड, लुधियाणा स्थित महात्मा कॉलोनी के लोगों ने कारखाना मालिकों द्वारा मजदूरों के पैसे हड़पने, मजदूरों के साथ मारपीट करने, चोरी का झूठा आरोप लगाने और पुलिस प्रशासन द्वारा गैरकानूनी तरीके से मजदूरों के घरों पर छापेमारी करने, गर्भवती महिला को धक्के मारने, नाबालिग को हिरासत में लेने के खिलाफ टिब्बा थाने के सामने गुस्से से भरा विरोध प्रदर्शन किया।
टिब्बा रोड पर स्थित एम.बी. कपूर फैक्ट्री के मालिकों ने सत्रह मजदूरों के लगभग डेढ़ लाख रुपये दबा लिए और बीती 17 तारीख को मजदूरों को बहाने से फैक्ट्री बुलाकर एक मजदूर की पिटाई की गई। मजदूरों ने टेक्सटाइल-हौज़री कामगार यूनियन से संपर्क किया, जिसके बाद टिब्बा थाने में शिकायत दी गई। मालिकों ने उल्टा मजदूरों के खिलाफ पिटाई करने और दो तोला सोने की चेन छीनने की झूठी शिकायत दी। पुलिस प्रशासन ने मालिकों पर कोई कार्रवाई करने की बजाय मजदूरों के घरों पर रात को छापेमारी की। 18 तारीख को पुलिस प्रशासन ने एक मजदूर के घर जाकर महिलाओं के साथ धक्कामुक्की की, जिसमें एक गर्भवती महिला भी थी, और उस मजदूर के 17 साल के भाई को उठाकर ले गए। इसके बाद पूरे मोहल्ले में कारखाना मालिक की दबंगई और पुलिस प्रशासन के पक्षपातपूर्ण रवैये के खिलाफ गुस्सा फैल गया और इलाके के लोगों, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं, ने टिब्बा थाने के सामने विरोध प्रदर्शन किया। लोगों के इस गुस्से से डरकर कारखाना मालिक समय दिए जाने के बावजूद थाने नहीं पहुंचे।
मजदूरों ने मांग की कि मालिकों द्वारा दबाए गए मजदूरों के पैसे वापस किए जाएं, दोषी मालिकों पर सख्त कार्रवाई की जाए, मजदूरों के खिलाफ झूठी शिकायत रद्द की जाए, मजदूरों के घरों पर छापेमारी बंद की जाए, और गैरकानूनी तरीके से छापेमारी करने तथा महिलाओं के साथ धक्कामुक्की करने वाले पुलिस कर्मियों और कारखाना मालिक के गुंडों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
मजदूरों के संघर्ष के आगे झुकते हुए प्रशासन ने इन मांगों को पूरा करने के लिए एक दिन का समय मांगा। टेक्सटाइल-हौज़री कामगार यूनियन के नेता जगदीश सिंह ने कहा कि अगर प्रशासन द्वारा उपरोक्त मांगें नहीं मानी गईं, तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा।



