यमुनानगर ( अंजू प्रवेश कुमारी दैनिक अमृत धारा)यमुनानगर में एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदूषण नियंत्रण विभाग में तैनात एक महिला क्लर्क को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। मामला अस्पताल निर्माण से संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने के नाम पर रिश्वत मांगने का बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार जिला करनाल के गांव घरौंडा निवासी रिंकू यमुनानगर शहर के रेलवे रोड पर प्रभु अस्पताल का निर्माण कर रहा है। अस्पताल निर्माण के लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग से एनओसी लेना अनिवार्य था। इसके लिए रिंकू ने विभाग में आवेदन किया था। आरोप है कि एनओसी जारी करने के बदले विभाग में तैनात महिला क्लर्क ने 30 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की और फाइल आगे बढ़ाने का दबाव बनाया।
रिश्वतखोरी से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद एसीबी ने जाल बिछाया। तय रणनीति के तहत मंगलवार शाम शिकायतकर्ता को रिश्वत की राशि के साथ महिला क्लर्क के पास भेजा गया। जैसे ही आरोपी क्लर्क ने रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, पहले से तैनात एसीबी टीम ने मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया।
एंटी करप्शन ब्यूरो ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है। साथ ही इस पूरे मामले में यह भी जांच की जा रही है कि कहीं विभाग के अन्य कर्मचारी या अधिकारी भी इस रिश्वतखोरी में शामिल तो नहीं हैं।
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



