सेंटर यूनिवर्सिटी हरियाणा से पीएचडी कर रहे अजय मलिक ने कहा कि यूपीएससी में हरियाणा के युवाओं का शानदार चयन हो रहा है, लेकिन एचपीएससी में बैठे बाहरी चेयरमैन को हरियाणा के युवा 35% के लायक भी नहीं लगते। यह हरियाणा के प्रतिभाशाली युवाओं के साथ बड़ा अन्याय है। आखिर कब तक अपने ही प्रदेश के युवाओं के साथ ऐसा भेदभाव होता रहेगा?

अजय मलिक ने कहा कि हरियाणा के युवाओं ने हमेशा मेहनत और प्रतिभा के दम पर देश-भर में अपनी पहचान बनाई है। यूपीएससी जैसे राष्ट्रीय स्तर के आयोग में हरियाणा के युवाओं का लगातार चयन होना उनकी क्षमता और योग्यता का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि अगर देश की सर्वोच्च प्रतियोगी परीक्षाओं में हरियाणा के युवा सफल हो सकते हैं, तो फिर एचपीएससी में उन्हें कम आंकना समझ से परे है। इससे युवाओं में निराशा और असंतोष बढ़ रहा है।

अजय मलिक ने सरकार से मांग की कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जाए ताकि किसी भी युवा के साथ भेदभाव न हो। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मेहनती और योग्य युवाओं को उनका हक मिलना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

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