फतेहाबाद, 22 सितम्बर।(नरेंद्र बंसल)
हरियाणा के पिछड़ते राइस उद्योग को बचाने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा राइस मिलर्स की प्रमुख मांगें स्वीकार करने पर राइस मिलर्स ने मुख्यमंत्री का आभार जताया है। फतेहाबाद जिला प्रधान सुरेश जिंदल ने कहा कि सीएम ने राइस मिलर्स को बड़ी राहत देकर उद्योग को संजीवनी दी है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में सीएमआर कार्य करने वाले राइस मिलर्स को 31 दिसंबर तक 40% चावल एफसीआई को देना था, लेकिन एफसीआई ने देरी से कार्य शुरू किया, जिसके चलते निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। इस कारण एजेंसियों ने लाखों रुपये होल्डिंग चार्ज के नाम पर काट लिए थे। मिलर्स लगातार मांग कर रहे थे कि 31 दिसंबर तक का लक्ष्य समाप्त किया जाए। अब सरकार ने यह मांग मान ली है।
इसी प्रकार 15 मार्च 2025 तक 100% चावल पूरा करने वाले मिलर्स को धान पर ₹15 प्रति क्विंटल बोनस मिलना था। अब सरकार ने इस तिथि को बढ़ाकर 30 जून 2025 कर दिया है। इसके अनुसार 15 मार्च तक काम पूरा करने वालों को ₹15 प्रति क्विंटल और 30 जून तक पूरा करने वालों को ₹10 प्रति क्विंटल बोनस मिलेगा।
जिला प्रधान ने कहा कि इस राहत को दिलाने में हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रदेश संरक्षक पूर्व विधायक सुभाष सुधा, असीम गोयल, प्रदेश अध्यक्ष हंसराज सिंगला, प्रदेश चेयरमैन ज्वैल सिंगला, प्रदेश महासचिव मखन लाल सिंगला एवं उनकी टीम के अथक प्रयास शामिल हैं।
राइस मिलर्स एसोसिएशन ने विश्वास दिलाया कि 22 सितम्बर से शुरू होने वाली सरकारी खरीद में वे प्रशासन का पूरा सहयोग करेंगे।



