रोमांस और फोर-प्ले स्त्री के लिए भोजन जैसा होता है। अगर यह उसे न मिले तो उसके भीतर की प्यास अधूरी रह जाती है और वही प्यास कभी-कभी उदासी और चिड़चिड़ेपन में बदल जाती है। आजकल कई पुरुष बस अपनी तृप्ति तक ही सीमित रह जाते हैं, उस धीमे-धीमे बढ़ते रोमांस की आग को भड़काना भूल जाते हैं।
स्त्री को असली संतोष देने के लिए उसके मन को जीतना ज़रूरी है, सिर्फ शरीर को छू लेना काफी नहीं। विवाह का अर्थ केवल शारीरिक मिलन नहीं, बल्कि एक-दूसरे की धड़कनों और आत्मा तक उतर जाने का एहसास है। 🔥😍💕👫💗😘



