ज्यों ज्यों बच्चे बड़े होते है। बाप से दूरियों बढ़ जाती है। बाप की याद तभी आती है जब उन्हें जरूरत होती है। एक उम्र के बाद बाप भरे घर में अकेला हो जाता है। बच्चों की शादी के बाद तो वह परिवार से पूरी तरह अलग कर दिया जाता है। घर के भीतर के हंसी ठहाकों में उसकी उपस्थिति नहीं होती। बस एक कमरे में उसकी जिंदगी ठहर जाती है। बहुत से काम उसकी अनुपस्थिति में होने लगते है। उसे शरीक करना भी जरूरी नहीं समझते। जिस घर की एक एक ईंट को जिसने अपनी सांसे होम कर बनाया था। वो घर भी उसके लिए अजनबी बनता जाता है। बाप को कभी भी वो प्यार नहीं मिलता जो एक मां को मिलता है। एक उम्र के बाद बच्चे बाप को गले नहीं लगाते। ना बाप की गोद में सिर रखकर सोते हैं। जो बच्चे परदेस रहते है वो भी मां को फोन लगाते है। उनकी कुशलता का समाचार भी बाप के पास मां के जरिए पहुंचता है। बाप के आखिरी पल एकांत में ही गुजरते है । पुरानी यादों के साथ। वह खुद में सिमट कर रह जाता है। घुटता है। छटपटाता है। मन मसोस कर रह जाता है। सच है ना?? #BAAP #motivation #pita #fatherlove
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