शिवरात्रि राजेंद्र महास्वामी जी के मार्गदर्शन में सुत्तुर मठ सेवा का पर्याय-शिवराज सिंह
पीड़ित मानवता की सेवा ही भगवान की पूजा है-केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान
राजनीति तोड़ती है, लेकिन धर्म जोड़ता है, शिवरात्रि राजेंद्र महास्वामी जी ने आज सब दलों के जनप्रतिनिधियों को इकट्ठा कर लिया है-शिवराज सिंह
हमारी दिन-रात एक ही कोशिश है कि खेती को कैसे लाभकारी बनाएं- शिवराज सिंह
प्रधानमंत्री जी ने नेतृत्व में राष्ट्रहित पर पूरा देश एक साथ खड़ा हो- शिवराज सिंह
हम दैनिक जीवन में उन्ही वस्तुओं का उपयोग करें, जो हमारे देश में बनी हो- शिवराज सिंह
मैसूर (कर्नाटक)/नई दिल्ली, 29 अगस्त 2025, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह आज कर्नाटक में मैसूर स्थित श्री सुत्तूर मठ में डॉ. शिवरात्रि राजेंद्र महास्वामी जी की 110वीं जन्म जयंती के गरिमामय व आत्मीय समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर भक्तजनों को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह ने कहा कि शिवरात्रि राजेंद्र महास्वामी जी के मार्गदर्शन में सुत्तुर मठ सेवा का पर्याय बन गया है। उन्होंने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा ही भगवान की पूजा है। शिवराज सिंह ने कहा कि राजनीति तोड़ती है, लेकिन धर्म जोड़ता है, आज धर्म ने हम सभी को पीड़ित मानवता की सेवा के लिए जोड़ दिया हैं, शिवरात्रि राजेंद्र महास्वामी जी ने आज सबको इकट्ठा कर लिया है, विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि यहां एकजुट होकर आएं हैं, आज अलग-अलग दलों के जनप्रतिनिधियों का स्वागत करने का मुझे सौभाग्य मिला। शिवराज सिंह बोले- देश हित की बात पर सभी इकट्ठे हों।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि सचमुच में आज मैं यहां आकार धन्य हो गया। मैं आदि जगद्गुरु के चरणों में बारंबार प्रणाम करता हूं “गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुर्गुरुर्देवो महेश्वरः, गुरुः साक्षात्परब्रह्मा तस्मै श्री गुरुवे नमः”। शिवराज सिंह ने कहा कि हजार साल पहले आदि जगद्गुरु जी ने इस मठ का बीजारोपण किया था, जो आज विशाल वट-वृक्ष बनकर उस देह व प्रेम की छाया दे रहा है, परम पूज्य शिवरात्रि राजेंद्र महास्वामी जी को भी बारंबार प्रणाम, जिन्होंने सेवा के अद्भुत प्रकल्प प्रारंभ किए, किराए के छात्रावास से प्रारंभ करके आज 400 से ज्यादा संस्थाएं हैं, सरकार से एक मेडिकल कॉलेज मांगों तो हालत खराब हो जाती है लेकिन यहां तो शिक्षण संस्थाओं की बरसात हो गई। सौभाग्य है कि उनकी 110वीं जयंती पर सम्मिलित होने आ पाया। शिवराज सिंह ने कहा कि अद्भुत वातावरण है, यहां लौकिक कुछ भी नहीं है, सब कुछ अलौकिक है। यहां की तो हवाएं भी सेवा का संदेश देती है। मैसूर की घटाएं सेवा का संदेश देती है, वृक्ष और लताएं भी सेवा का संदेश देते हैं। ये फूलों की मालाएं भी सेवा का संदेश देती है और यहां बैठे लोगों की आंखों में देखें तो वो भी सेवा का संदेश देते हैं, इस मठ से जुड़कर सेवा के काम में लगे रहते हैं। मैं यहां चीफ गेस्ट नहीं है, न यहां मंत्री के रूप में आया, मैं तो भगवान शिव के दास व गुरू के शिष्य के रूप में आया हूं।
शिवराज सिंह ने कहा कि सचमुच में जीवन उसी का धन्य है, जो दूसरों की सेवा में लगा है। अद्भुत काम है गरीब बच्चों को पढ़ाना, कोविड में जो बच्चे अनाथ हो गए उन्हें शिक्षा देना, भोजन और वस्त्र का इंतजाम करना, आपके जितने शिक्षण संस्थान हैं, गरीब बच्चों के लिए फ्री हैं। शिवराज सिंह ने कहा कि यहां अस्पतालों में 50 रु. में इलाज होता है, यही तो पीड़ित मानवता की सेवा है, यही भगवान की पूजा है। लोगों की सेवा ही भगवान की पूजा है “परहित सरिस धर्म नहीं भाई” और मैं भी अंतरात्मा से कोशिश करता हूं कि लोगों की सेवा में लगा रहूं, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने मुझे सौभाग्य दिया, कृषि मंत्री बनाया और जब मैं कृषि मंत्री के रूप में सोचता हूं तो कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान उसकी आत्मा, किसान प्राण हैं, वो अन्नदाता है, मतलब जीवनदाता और किसानों की सेवा मेरे लिए भगवान की पूजा जैसी है।
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने कहा कि हम लगातार कोशिश कर रहे हैं किसान भाइयों के लिए। एक नहीं, अनेकों योजनाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रारंभ करने की हमने कोशिश की है। हमारी कोशिश है कि खेती में उत्पादन बढ़े व लागत घटे, उत्पादन के ठीक दाम मिले, नुकसान अगर हो जाए तो उसकी भरपाई हो, लेकिन कृषि का विविधीकरण भी बहुत जरूरी है। फलों की खेती, फूलों की खेती, औषधीय खेती, लेकिन उसके साथ-साथ हमारे खेत के आकार बहुत छोटे छोटे हैं, लैंड होल्डिंग काफी कम है। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील वहां तो 10-10, 15-15 हजार हेक्टेयर के फार्म हाउस हैं, हमारे किसान एक-दो हेक्टेयर, एक-दो एकड़, ढाई एकड़ इसमें कैसे फायदे की खेती करें, इंटीग्रेटेड फ़ार्मिंग के माध्यम से कैसे लाभकारी खेती कर पाएं, इस काम में दिन-रात लगने की कोशिश की है। आज मठ भी जो कृषि विज्ञान केंद्र संचालित करता है, उससे भी मैं सीखने की कोशिश करूंगा, हमारी दिन और रात केवल एक ही कोशिश है कि हम खेती को कैसे लाभकारी बनाएं।
शिवराज सिंह ने कहा कि राजनीतिक मतभेद होते हैं विचारधारा के, लेकिन राष्ट्रहित के विषय पर पूरा देश एक साथ खड़ा हों। दुनिया को अगर बचाना है, कुछ देश, अधिनायक जैसा व्यवहार कर रहे हैं, वो सारे विश्व के लिए संकट बनकर खड़ा हो गया है। ऐसे में, ये कहने का साहस कर पा रहा हूं- भौतिकता की अग्नि में दग्ध विश्व मानवता को शाश्वत शांति के पद का दिग्दर्शन अगर कोई कराएगा तो हमारा भारत कराएगा। इसके अलावा कोई मार्ग नहीं है, इसलिए जरूरी है कि हमारा देश मजबूत बनें। हमारा देश दुनिया को दिशा देने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि आज जो चुनौतियां भारत के सामने खड़ी है, प्रधानमंत्री मोदी जी ने अपील की है कि आज जो ताजा संकट है, टैरिफ लादा जा रहा है, ऐसे वातावरण में देश में देशभक्ति की भावना प्रज्जवलित होना चाहिए। शिवराज ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर एक संकल्प हरेक देशवासी को करना चाहिए कि हम दैनिक जीवन में उन्हीं वस्तुओं का उपयोग करेंगे, जो हमारे देश में बनी हो। ये जरूरी है, इससे हमारे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। विश्वास है कि देशवासी इस दिशा में एक नया इतिहास रचेंगे।
समारोह में कर्नाटक के जनप्रतिनिधि व अनेक संत-महात्माओं के साथ ही बड़ी संख्या में भक्तजन मौजूद थे। शिवराज सिंह ने यहां पूज्य महास्वामी जी के साथ पौधरोपण भी किया।



