सच कहूं तो, ब्लैकमेलिंग और बदनामी के डर से कई पुरूष और स्त्री भी चाहकर भी किसी पर भरोसा नहीं कर पाते है… ??
ज्यादा नजदीकियां बढ़ जाने के बाद यदि साथी गलत मिल गया तो शुरू ब्लैकमेलिंग….???
पुरूष फंसा तो धन जाता है और स्त्री फंस गई किसी सनकी के चक्कर में तो फिर ईज्जत और जान तक चली जाती है…???
समाज में बदनामी होगी, अलग से…
ऐसे रिश्ते की शुरुआत में तो स्त्री हो या पुरुष, दोनों ही बड़ा कायदे से पेश आते हैं और अच्छे व्यवहार करते हैं?? मगर बहुत से लोग बाद में अपना रंग दिखाते हैं।
बहुत सी महिलाएं भी एकाकी जीवन जी रहीं हैं और किसी ऐसे मित्र की तलाश में भी रहती है जो सिर्फ सुख में ही नहीं बल्कि दुख में भी साथ निभाए।
ऐसी महिला मित्र की तलाश में भटक रहा पुरुष जब हर महिला को मैसेंजर पर प्रेम निवेदन भेजता रहता है तो एक दिन फंसता जरूर है.. किसी शातिर के जाल में…???
एक दूसरे की भावनाओं की कद्र करने वाले ऐसे लोग संयोग से ही मिलते हैं…जो समाज में एक दूसरे की इज्जत और मर्यादाओं का भी ख्याल रखते हैं…
मिल ही जाते हैं वो ह्दय, जो छल और कपट से रहित होते हैं.. मिलते हैं ऐसे लोग तो सिर्फ साफ नीयत, मर्यादित आचरण और संयोग से..!
ध्यान रहे…
अपरिचितों के मैसेंजर पर मंडराने वाले ही साईबर क्राइम का शिकार भी बनते हैं..
समाज में इज्जत बनाने में वर्षों लग जाते हैं मगर कुछ नादानियों के कारण पूरे परिवार और समाज के सामने सिर झुका जाएगा…सदा-सदा के लिए..
अतः महिलाओं के मैसेंजर पर मंडराना और दिल हथेली पर लेकर घूमना बंद करिए..???
पत्नी को पता चला कि पति परमेश्वर बुढ़ौती में महबूबा ढूंढ रहे हैं, तो कुछ चप्पल बरसाकर भैरों बाबा बना देती हैं और कुछ जीवन भर ताना मार मारकर ही मार डालती है???
आपका छिछोरापन आपको एक दिन जरूर मुसीबत में डालेगा??
इसलिए स



