यमुनानगर:-(अंजू प्रवेश कुमारी दैनिक अमृत धारा)शिकायतकर्ता कामेश कुमार ओसवाल ने डीसी यमुनानगर को रजिस्टर्ड डाक से दी शिकायत, आरटीआई से मिले जवाब में सामने आई बड़ी गड़बड़ियाँ, स्कूल मैनेजमेंट कमेटी की बैठकों के मिनट्स में बार-बार अलग-अलग हस्ताक्षर, कई सदस्यों के नाम व हस्ताक्षर फर्जी होने की आशंका, कई मीटिंग्स में पूरा कोरम न होने के बावजूद निर्णय दर्शाए गए, बालिका विद्यालय में लड़कों के शौचालय पर खर्च का उल्लेख, अपूर्ण व गैर प्रमाणित बिल, जीएसटी रहित खर्च, बिना पंजीकरण के सप्लायरों से खरीदी, गैर शिक्षण स्टाफ के दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं, शैक्षिक भ्रमणों का कोई रिकॉर्ड नहीं, बिजली पानी इंटरनेट आदि के रखरखाव के कोई प्रमाण पत्र नहीं, हर साल अनुदान पूरी तरह खर्च दिखाया गया पर सबूत अनुपस्थित, सबसे बड़ा खुलासा कि पिछले 5 वर्षों में न तो किसी उच्च अधिकारी और न ही किसी स्वतंत्र ऑडिटर ने स्कूल का एक भी ऑडिट किया, शिकायतकर्ता ने डीसी, जिला शिक्षा अधिकारी, विजिलेंस व एंटी करप्शन ब्यूरो से तत्काल जांच और फॉरेंसिक ऑडिट की मांग की, स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के सभी हस्ताक्षरों की फॉरेंसिक जांच, सभी फंड का स्वतंत्र ऑडिट, वाउचर व बैंक स्टेटमेंट व अन्य रिकॉर्ड का संरक्षण, और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की, शिकायत में आशंका जताई गई कि ऐसा भ्रष्टाचार अन्य स्कूलों में भी हो सकता है इसलिए पूरे जिले में आकस्मिक ऑडिट जरूरी है, इस मामले ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



