अमृतधारा ( खुशविंदर धालीवाल )चंडीगढ़, 29 सितम्बर :
चंडीगढ़ प्रशासन में अफसरशाही की पहचान बने राजीव वर्मा यहाँ प्रशासक के सलाहकार के रूप में आए थे, और अपनी कार्यकुशलता से आगे बढ़ते हुए चीफ सेक्रेटरी बन गए। अपने कार्यकाल में उन्होंने कई ठोस कदम उठाए, जिनसे चंडीगढ़ में विकास और सुशासन को नई दिशा मिली।
राजीव वर्मा ने हाल ही में 70 नए शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे, जिससे शिक्षा विभाग को मजबूती मिली और युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए।
शहर की सफाई और आधारभूत ढांचे को बेहतर बनाने के लिए उन्होंने सेक्टर-26 मार्केट में निरीक्षण कर अधिकारियों को सड़क मरम्मत, सफाई व्यवस्था सुधारने और अवैध कब्ज़े हटाने के निर्देश दिए।
खेल क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। उन्होंने एक कार्यक्रम में हिस्सा लेकर 1630 खिलाड़ियों को ₹7 करोड़ की छात्रवृत्ति दिलाई, जिससे खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिला और युवाओं का मनोबल बढ़ा।
पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में भी उन्होंने कदम बढ़ाए। उनके कार्यकाल में चंडीगढ़ ईवी पोर्टल लॉन्च किया गया, जिसके माध्यम से नागरिक इलेक्ट्रिक व्हीकल सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकते हैं। साथ ही शहर में सोलर इनिशिएटिव्स की भी समीक्षा की गई
इसके अलावा उन्होंने केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को सेवा वितरण में तेजी और पारदर्शिता लाने के निर्देश दिए।
इन ठोस पहलों से यह स्पष्ट है कि राजीव वर्मा का कार्यकाल केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने शिक्षा, खेल, पर्यावरण और शहरी विकास को आगे बढ़ाकर चंडीगढ़ को और बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।



