पिंजौर/शर्मा (दैनिक अमृतधारा)
भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती एवं 25 दिसंबर को मनाए जाने वाले सुशासन दिवस के उपलक्ष्य में कालका विधानसभा स्तर पर अटल सुशासन सम्मेलन का आयोजन पिंजौर स्थित रौनक होटल में किया गया।
अटल सुशासन सम्मेलन को संबोधित करते हुए कालका विधानसभा की विधायक श्रीमती शक्तिरानी शर्मा ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के ऐसे युगपुरुष थे, जिन्होंने राजनीति को सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा, संवाद और राष्ट्रनिर्माण का सशक्त साधन बनाया।
विधायक श्रीमती शक्तिरानी शर्मा ने कहा कि अटल जी की सबसे बड़ी विशेषता उनकी लोकतांत्रिक शालीनता और संवाद की संस्कृति थी। उन्होंने असहमति में भी सम्मान बनाए रखा और संसद की गरिमा को नई ऊँचाइयाँ प्रदान कीं। उनका स्पष्ट मंत्र था— “राष्ट्रहित सर्वोपरि है।”
उन्होंने कहा कि अटल जी द्वारा रखी गई सुशासन की मजबूत नींव पर आज माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी विकसित भारत के संकल्प को नई गति दे रहे हैं। गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के लिए अवसर और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन इसके सशक्त उदाहरण हैं।
विधायक ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और मिशन सिंदूर जैसे निर्णायक कदम यह स्पष्ट संदेश देते हैं कि भारत शांति में विश्वास करता है, लेकिन राष्ट्र की सुरक्षा और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करता।
इस अवसर जिला प्रभारी श्री रवि बतान जी, जिला अध्यक्ष श्री अजय मित्तल जी, जिला संयोजक श्री विशाल सेठ जी, प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती बंतो कटारिया जी,सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर विधायक श्रीमती शक्तिरानी शर्मा जी ने सभी से आह्वान किया कि वे अटल जी के सुशासन, राष्ट्रनिष्ठा और सेवा भाव को अपने जीवन में आत्मसात करें तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागी बनें।



