दैनिक अमृत धारा/ रविन्द्र पोपली/चण्डीगढ़ : प्रणामी परमार्थ सेवा ट्रस्ट एवं श्री कृष्ण प्रणामी मन्दिर सभा, मलोया द्वारा श्री कृष्ण प्रणामी निजदरबार का 25वां वार्षिक उत्सव आयोजित किया जा रहा है जिसमें 125 पारायण श्रीमद‌भागवत प्रवचन, सप्ताहव्यापी महोत्सव सनातन संत सम्मेलन, सवा लाख निजनाम जप एवं विभिन्न कार्यक्रम सोमवार से हो रहे हैं। ये रजत जयन्ती महोत्सव 9 नवम्बर तक चलेगा। इस दौरान प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से सांय 6 बजे तक कथा व्यास स्वामी श्यामानंद जी महाराज द्वारा श्रीमद्‌भागवत कथा कही जा रही है जिसमें आज उन्होंने कंस वध की कथा के साथ कृष्ण के संगीतमय भजनों को सुनाया। कथा व्यास ने कहा कि भक्त प्रहलाद ने माता कयाधु के गर्भ में ही नारायण नाम का मंत्र सुना था जिसके सुनने मात्र से भक्त प्रहलाद के कई कष्ट दूर हो गए थे। बच्चों को धर्म का ज्ञान बचपन में दिया जाता है, वह जीवन भर उसका ही स्मरण करता है। ऐसे में बच्चों को धर्म व अध्यात्म का ज्ञान दिया जाना चाहिए। माता-पिता की सेवा व प्रेम के साथ समाज में रहने की प्रेरणा ही धर्म का मूल है। अच्छे संस्कारों के कारण ही ध्रुव जी को पांच वर्ष की आयु में भगवान का दर्शन प्राप्त हुआ। इसके साथ ही उन्हें 36 हजार वर्ष तक राज्य भोगने का वरदान प्राप्त हुआ था। ऐसी कई मिसाल हैं, जिससे सीख लेने की जरूरत है।इस अवसर पर विशाल सनातन संत सम्मेलन के साथ सुश्री निकुंज कामरा जी द्वारा भजन संध्या का कार्यक्रम और संत गुरुजनों के प्रवचन भी हुए। इस अवसर पर प्रणामी धर्माचार्य श्री 108 श्रीश्री महालपुरी धाम प्रतिनिधि श्री पद्मावती पुरी धाम, पन्ना कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

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