नारायणगढ़ से शुरू हुआ विधानसभा स्तर पर हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान सम्मेलन का आगाज

चण्डीगढ़ : दैनिक अमृत धारा/ रविन्द्र पोपली : केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के मुख्य मीडिया सलाहकार सुदेश कटारिया ने कहा कि कांग्रेस राज में हर 18वें मिनट में दलित उत्पीड़न होता था। मगर वर्ष 2014 में जब मनोहर लाल ने हरियाणा प्रदेश के मुख्यमंत्री की कमान संभाली तो उन्होंने दलितों की सबसे पुरानी मांग को पूरा करते हुए एससी कमीशन का गठन किया। आज एससी कमीशन दलितों की सुनवाई का सबसे बड़ा मंच गया है। इसके साथ ही दलितों के हकों की आवाज बुलंद करने और उनके अधिकारों की रक्षा करने के लिए हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान जनचेतना ट्रस्ट का गठन किया गया है, जिसके जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की जा चुकी है।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री के मुख्य मीडिया सलाहकार नारायणगढ़ में आयोजित हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। नारायणगढ़ से हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान समारोह का विधानसभा स्तर पर आयोजन का सिलसिला शुरू हुआ। नारायणगढ़ विधानसभा में आयोजित समारोह के आयोजक गौरव जौली थी। इसके साथ ही डॉ. कपूर सिंह और रवि चौधरी भी प्रमुख तौर पर मौजूद रहे।
समारोह में पहुंचने पर लोगों ने हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान जन चेतना ट्रस्ट के अध्यक्ष सुदेश कटारिया का फूल-मालाओं के साथ स्वागत किया। वहीं, आयोजक गौरव जौली ने मुख्यातिथि को संविधान निर्माता बाबा साहेब का चित्र और शॉल भेंट कर सम्मानित किया।
हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान जन चेतना ट्रस्ट के अध्यक्ष सुदेश कटारिया ने कहा कि वर्ष 2014 से पहली की सरकारों में क्षेत्रवाद, परिवारवाद और भाई-भतीजावाद का बोल-बोला था। धौलकपड़िये और कमीशनखोरी के जरिये जनता के काम होते थे। मगर जब वर्ष 2014 में मनोहर लाल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री की बागडोर संभाली तो उन्होंने सबसे पहले क्षेत्रवाद, परिवारवाद और भाई-भतीजावाद को समाप्त करते हुए हरियाणा एक-हरियाणवीं एक का नारा दिया और उन्होंने पूरे प्रदेश में समान विकास कराया। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों में दलितों की अनदेखी होती थी, दलित मंत्री जरूर बनते थे, लेकिन वे पॉवर लेस डम्मी मंत्री होते थे। मगर मनोहर लाल ने उन्हें सीएमओ में अपनी बराबर वाली कुर्सी पर बैठाकर राजनीति में नई मिसाल पेश की, उनके लिए हर वर्ग सम्मान है, चाहे वह दलित हो या फिर पिछड़ा। यही नहीं, मनोहर लाल ने उन्हें दलितों के काम करने की पॉवर भी दी, जिससे उन्होंने अपनी कलम को दलितों के हित में प्रयोग किया है।

कांग्रेस ने वोट चोरी करके हराया बाबा साहेब को
हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान जन चेतना ट्रस्ट के अध्यक्ष सुदेश कटारिया ने कांग्रेस के वोट चोरी के आरोप पर पलटवार करते हुए कहा कि वर्ष 1952 में कांग्रेस ने वोट चोरी करके संविधान निर्माता बाबा साहेब को हराया था। तब तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने 74 हजार वोट रद्द करवाकर दलितों के सम्मान को ठेस पहुंचाने के साथ लोकतंत्र की हत्या की थी। आज वही लोग संविधान हाथ में लेकर संविधान को खतरा होने और वोट चोरी के नाम पर दलितों को गुमराह कर रहे हैं। मगर संविधान कोई दस्तावेज नहीं है, यह लोकतंत्र और दलितों की आत्मा है, जिससे बाबा साहेब से अपने खून-पसीने से सींचा है।
उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने दलितों को गुमराह करके वोट हासिल किए, लेकिन विधानसभा चुनाव में दलित कांग्रेस के झांसे में नहीं आए और उनके हितों की रक्षा करने वाली भाजपा की प्रदेश में तीसरी बार सरकार बनाई।

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