कैथल, दैनिक अमृतधारा (सुरिंदर वधावन) 5 दिसंबर। डीसी अपराजिता ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार द्वारा 21 गंभीर बीमारियों से पीड़ित पात्र नागरिकों को दिव्यांग पेंशन उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि इसके लिए आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए तथा वह हरियाणा का स्थाई निवासी एवं आवेदन करते समय तीन वर्ष से हरियाणा में रह रहा हो। उन्होंने बताया कि आवेदक की सभी स्रोतों से वार्षिक आय तीन लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा गत 3 मार्च 2025 को दिव्यांग पेंशन के लिए 21 बीमारियों को शामिल किया है। इसमें चलने-फिरने में असमर्थ दिव्यांग, कुष्ठ रोग, मस्तिष्क पक्षाघात, मांसपेशीय दुर्विकास, अंधापन, कम दृष्टि, श्रवण दोष, वाणी और भाषा दिव्यांग, बौद्धिक दिव्यांगता, विशिष्ट अधिगम दिव्यांग, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार, मानसिक बीमारी, दीर्घकालिक तंत्रिका संबंधी बीमारी, मल्टीपल स्क्लेरोसिस, पार्किंसंस रोग, सिकल सेल रोग, बहु विकलांगता, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया, एसिड अटैक पीड़ित एवं बौना आदि विकार शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इन बीमारियों से संबंधित पात्र व्यक्तियों को दिव्यांग पेंशन का लाभ प्रदान किया जाता है। दिव्यांग पेंशन का लाभ लेने के लिए सिविल सर्जन कार्यालय से 60 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता का प्रमाण-पत्र प्राप्त करना होता है। इस दिव्यांगता प्रमाण-पत्र को परिवार पहचान पत्र में अपडेट करवाकर दिव्यांग पेंशन बनाई जा सकती है।



