देशभर में कौशल प्रमाणपत्र जारी करेगा जिन्दल स्टील, मिला राष्ट्रीय प्रमाणन निकाय का दर्जाकेंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद ने दिया दर्जा भारत का पहला बड़ा डायवर्सिफायड उद्यम और पहला एकीकृत स्टील निर्माता, जिसे यह अधिकार मिलादैनिक अमृत धारा कैथल 28 सितंबर (सुरेंद्र चौधरी)कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र से सांसद एवं जाने-माने उद्योगपति नवीन जिन्दल के नेतृत्व वाली कंपनी जिन्दल स्टील ने अपनी एक नई पहचान बनाई है। कंपनी को केंद्र सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद ने ‘राष्ट्रीय प्रमाणन निकाय’ का दर्जा दिया है। इसके साथ ही जिन्दल स्टील भारत की पहली बड़ी डायवर्सिफायड इंडस्ट्री और पहली एकीकृत स्टील निर्माता बन गई है, जिसे यह अधिकार मिला है। यह उपलब्धि भारतीय स्टील और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में कंपनी की अग्रणी भूमिका को रेखांकित करती है।एनसीवेट से राष्ट्रीय प्रमाणन निकाय का दर्जा मिलने के बाद जिन्दल स्टील देश भर में युवाओं को कौशल प्रमाणपत्र देने के लिए अधिकृत हो गई है। अब कंपनी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम चला सकेगी, जो सीधे औद्योगिक जरूरतों से जुड़े होंगे। इन कार्यक्रमों में नए जमाने की तकनीक, हरित ऊर्जा, डीकार्बोनाइजेशन और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे विषयों पर खास ध्यान दिया जाएगा। सांसद एवं जिन्दल स्टील के चेयरमैन नवीन जिन्दल ने इस उपलब्धि पर कहा कि एनसीवेट ने जो दायित्व सौंपा है, वो हमारे लिए गर्व की बात है और इसे हम पूरी गंभीरता से निभाएंगे। यह औद्योगिक मानकों को शिक्षा और प्रशिक्षण में शामिल करने का अवसर प्रदान करेगा। हम चाहते हैं कि हमारे नौजवान श्रेष्ठ भारतीय ज्ञान और अनुशासन सीखकर अपने पसंदीदा काम में सफल हों और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।इस अवसर पर नवीन जिन्दल फाउंडेशन ( स्किल डेवलपमेंट) हैड डॉ. मनीष मिश्रा ने कहा कि यह कदम पढ़ाई और नौकरी के बीच की दूरी को कम करेगा। युवा अब ऐसे कौशल सीख पाएंगे जिनकी सीधी जरूरत उद्योग और बाज़ार में है। ये प्रमाणपत्र न केवल भारत बल्कि दुनिया भर में मान्य होंगे, जिससे युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे। कुरुक्षेत्र इंटरनेशनल स्किल सेंटर और महात्मा ज्योतिबा फुले इंटरनेशनल स्किल सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवा भी इससे लाभान्वित होंगे ।उल्लेखनीय है कि जिन्दल स्टील भारत की अग्रणी स्टील कंपनियों में से एक है, जिसकी दुनिया भर में पहचान उसकी भव्यता, दक्षता और गुणवत्ता के कारण है। यह कंपनी ‘माइन-टू-मेटल’ (खदान से स्टील तक) मॉडल पर काम करती है, जिसका अर्थ है कि यह कच्चे माल से लेकर अंतिम उत्पाद के निर्माण तक की पूरी प्रक्रिया को नियंत्रित करती है। 12 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के निवेश के साथ, यह कंपनी अंगुल, रायगढ़ और पतरातू में अत्याधुनिक स्टील प्लांट का संचालन करती है। कंपनी भारत और अफ्रीका, दोनों महादेशों में सक्रिय है और महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसकी विविध और भविष्य के लिए उपयोगी उत्पाद श्रृंखला, बुनियादी ढांचा क्षेत्र, निर्माण और विनिर्माण जैसे मुख्य क्षेत्रों में इसकी ताकत है।
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