रतिया/(नरेन्द्र बंसल)
अनाजमंडी के मजदूरों द्वारा धान को मंडी मै न लाकर सीधा सेलरों में उतारे जाने से गुस्साए मजदूरों ने शुक्रवार को मंडी का काम बंद करके हड़ताल कर दी। मंडी के मजदूरों ने मार्किट कमेटी के बाहर धरना शुरू कर दिया ।कच्ची लेबर के प्रधान जिले सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि धान का सीजन शुरू होते ही मंडी के आढ़ती और शेलर मालिक अधिकारियों से मिलकर धान को मंडी में ना उतार कर सीधा सेलरों ने फरसी कंडा करवा कर उतार रहा है ।जिससे हम मजदूरों को काफी आर्थिक नुकसान हो रहा है ।धरने में शामिल मजदूर जिले सिंह,जस्सा ,मंदीप, जगवीर, संजय, वकील, छिन्दा, हरपाल, सहित अन्य मजदूरों ने कहा कि हम सब को सीजन की ही उम्मीद होती है कि सीजन में कुछ मजदूरी कमा कर परिवार का खर्चा चलाएंगे ।लेकिन धान मंडी में ना आकर सीधा सेलरों में उतारे जाने से हमें काफी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर धान मंडी में आए तो मजदूरों को धान के उतरने, पंखा लगाने, तोलकर भरने की लेबर मिलती है जिससे उनका घर का गुजारा होता है।उन्होंने कहा कि इस समस्या के लिए काफी बार स्थानीय अधिकारियों को भी कह चुके है लेकिन हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही । मजदूरों ने कहा कि जब तक धान को मंडी में नहीं उतारा जाता तब तक हमारा धारणा जारी रहेगा ।
जब इस बारे में मार्किट कमेटी के सचिव राज कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों , व्यापारियों व मजदूरों की बैठक में आपसी सहमति बन गई जिससे मजदूरों ने हड़ताल खत्म कर काम शुरू कर दिया ।



