सांसद नवीन जिन्दल के निर्देश पर प्रसिद्ध संरक्षण विशेषज्ञ श्री फरहाद कॉन्ट्रैक्टर एवं सुश्री स्मृति सिंह और नवीन जिन्दल फाउंडेशन टीम ने कई गांवों के जोहड़ों एवं बावड़ियों का किया दौरा
दैनिक अमृत धारा कुरुक्षेत्र 12 अक्तूबर(सुरेंद्र चौधरी)
सांसद नवीन जिन्दल
कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र के गांवों में जोहड़ों के रखरखाव और गंदे जल की निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए संभावनाएं तलाश रहे हैं। इसके लिए उन्होंने फरहाद कांट्रेक्टर एवं उनकी टीम जो भारत के छह राज्यों में सामाजिक परिवर्तन के लिए समुदायों के साथ पारिस्थितिकी को पुनर्जीवित और मज़बूत बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं, को गांवों में जल निकासी, जोहड़ों की सफाई और जल संरक्षण को एक व्यवस्थित ढांचे में लाने के लिए स्टडी करने को कहा है ताकि क्षेत्र के जोहड़ो को दुरुस्त कर जल संरक्षण और पर्यावरण संबंधी समस्याओं से स्थायी समाधान मिल सके।
इस सिलसिले में आज संयुक्त टीम ने गांव समानी, जिरबड़ी, खानपुर कोलियां और ईशरगढ़ में जोहड़ व बाबा लक्खी शाह बंजारा की बावड़ी पर पहुंचकर योजना पर विचार विमर्श किया। टीम ने ग्रामीणों से बातचीत कर गंदे पानी की निकासी, जोहड़ों के ओवरफ्लो और जल प्रबंधन से जुड़ी संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए फरहाद कांट्रेक्टर और स्मृति सिंह ने स्थल निरीक्षण कर गंदे पानी की रीसाइक्लिंग, तालाब पुनर्जीवन और वर्षा जल संचयन जैसे उपायों पर चर्चा की। उन्होंने स्थानीय प्रतिनिधियों और ग्रामीणों से चर्चा करते हुए कहा कि जोहड़ों के रखरखाव के साथ-साथ यदि गंदे पानी का सही प्रबंधन किया जाए तो यह ग्रामीण विकास की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है।
इस अवसर पर संसदीय कार्यालय प्रभारी धर्मवीर सिंह ने कहा कि सांसद नवीन जिन्दल का मानना है कि यदि गांवों में गंदे पानी की निकासी और पुन: उपयोग की व्यवस्था को वैज्ञानिक ढंग से किया जाए, तो गांवों की सफाई, जलभराव और बीमारियों जैसी अनेकों समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सांसद जिन्दल का प्रयास है कि प्रत्येक गांव में स्थायी जल प्रबंधन मॉडल तैयार किया जाए, जिसमें ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो।
इस अवसर पर नवीन जिन्दल फाउंडेशन टीम के भूषण मंगला, डॉ. राज कुमार, सरपंच पवन कुमार और जिरबड़ी सरपंच प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



