पानीपत CIA इंस्पेक्टर संदीप चहल ने फोन करके एक व्यक्ति को कहा पुलिस में आने से पहले मैं बदमाश था, एनकाउंटर की धमकी दी, SP ने इंचार्ज को लाइन हाजिर करके DSP को जांच सौंपी। यही धमकी कोई और देता तो क्या होता ? FIR दर्ज होती, गिरफ्तारी होती, आरोपी के घर बुलडोजर चलते, मीडिया में आरोपी को दिखाया जाता लेकिन CIA इंचार्ज को सिर्फ लाइनहाजिर करके मामला घुमा दिया। क्या ये कहना छोटी बात है कि मैं पुलिस में आने से पहले बदमाश था और तेरा एनकाउंटर भी कर सकता हूं ? DGP साहब थोड़ा ध्यान दीजिए पुलिस पर आपने कहा था Thank You, Sorry और Please कहना है लेकिन यहां तो CIA इंचार्ज ने एनकाउंटर की धमकी देते हुए कहा है कि वो नौकरी से पहले बदमाश था ? इसीलिए लोग कई बार बिना जुर्म किये उसे कबूल कर लेते है। पुलिस से डरकर पैसे देते है। इसलिए पुलिस की छवि ऐसी है कि अगर बात न मानी तो पुलिस किसी शरीफ आदमी के साथ कुछ भी कर सकती है। 🤔👮‍♂️💬👎

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