दैनिक अमृत धारा /रविन्द्र पोपली : चंडीगढ़ प्रशासन ने पालतू और सामुदायिक डॉग्स से संबंधित संशोधित बायलॉज को मंजूरी दे दी है। नगर निगम ने लोगों से आपत्तियां और सुझाव लेने के बाद मई में ड्राफ्ट तैयार कर प्रशासन को भेजा था, जिसे अब स्वीकृति मिल गई है।जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निगम ने छह आक्रामक नस्लों अमेरिकन बुलडॉग, अमेरिकन पिटबुल, बुल टेरियर, केन कोर्सो, डोगो अर्जेंटीनो और रॉटवाइलर पर प्रतिबंध लगाया है। हालांकि, यह प्रतिबंध पूर्व पंजीकृत डॉग्स पर लागू नहीं होगा।नए बायलॉज के तहत पहली बार विभिन्न उल्लंघनों के लिए जुर्माना तय किया गया है। यदि किसी पालतू डॉग्स को सार्वजनिक स्थान पर गंदगी फैलाते पाया गया तो मालिक को 10 हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा। यह राशि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत तय जुर्माने के समान होगी। अब इन जुर्मानों की वसूली पानी और संपत्ति कर के बिलों में जोड़कर की जाएगी।स्ट्रे डॉग्स के लिए तय फीडिंग जोन रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) के परामर्श से बनाए जाएंगे। यदि इन स्थानों पर गंदगी पाई गई तो संबंधित व्यक्ति पर भी 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।बायलॉज में यह भी प्रावधान किया गया है कि अगर किसी घर में डॉग्स के साथ दुर्व्यवहार या उत्पीड़न की शिकायत मिलती है, तो निगम की टीम मौके पर जाकर जांच करेगी, साक्ष्य जुटाएगी और आवश्यक होने पर पालतू डॉग्स को जब्त कर लेगी। साथ ही, उनका पंजीकरण रद्द कर पशु क्रूरता निवारण कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।अब चार माह की आयु पूरी होने पर हर डॉग्स का नगर निगम में पंजीकरण अनिवार्य होगा। मालिक अपने पालतू द्वारा किसी को चोट या नुकसान पहुंचाने की स्थिति में पूरी तरह जिम्मेदार होंगे। निगम किसी प्रकार की जिम्मेदारी नहीं लेगा।घर के आकार के अनुसार डॉग्स की संख्या भी तय की गई है 5 मरला तक एक डॉग, 10 मरला तक दो, 12 मरला तक तीन और एक कनाल के मकान में अधिकतम चार डॉग्स रखने की अनुमति होगी।संशोधित बायलॉज में सुप्रीम कोर्ट के अगस्त माह के आदेशों का भी पालन किया गया है, जिनमें स्ट्रे डॉग प्रबंधन से संबंधित दिशानिर्देश शामिल हैं।

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