अमृतधारा ब्यूरो चीफ अभय कुमार दीक्षित उन्नाव। उन्नाव के जिला अस्पताल में मौसम परिवर्तन के कारण मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। सुबह की ठंडी हवाएं और दिन में बढ़ता तापमान लोगों की सेहत को प्रभावित कर रहा है। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 800 से 1000 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। मरीजों को इलाज के लिए लंबी कतारों में खड़े होकर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। भीड़ और अव्यवस्था के कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि सभी मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर देखा जा रहा है। किसी को भी बिना इलाज वापस नहीं भेजा जा रहा है। डॉक्टरों ने मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए कुछ सावधानियां बताई हैं। उनके अनुसार, लोगों को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उबला हुआ या स्वच्छ पानी पीना चाहिए। बाहर के तैलीय या बासी भोजन से बचना चाहिए। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि बुखार, सर्दी, खांसी या पेट की समस्या होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में जांच करानी चाहिए।

पीएनबी आरसेटी कैथल में ग्रामीण राजमिस्त्री डोमेन स्किल सर्टिफिकेशन प्रोग्राम का आयोजन।
कैथल/गुरदेव जोसन/दैनिक अमृत धारा/29 अगस्त/ ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्देशन में नेशनल एकेडमी ऑफ रुडसेटी द्वारा आज पीएनबी आरसेटी कैथल में ग्रामीण राजमिस्त्री डोमेन स्किल सर्टिफिकेशन प्रोग्राम का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं
इस सर्टिफिकेशन प्रोग्राम में विभिन्न जिलों से आए 10 अभ्यर्थियों ने भाग लिया, जो पूरे क्षेत्र में कौशल विकास पहल में व्यापक रुचि को दर्शाता है।
मुख्य उद्देश्य
कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य ग्रामीण राजमिस्त्री डोमेन में अधिक कुशल प्रशिक्षकों को नामांकित करना था, जिससे ग्रामीण विकास के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाया जा सके और टिकाऊ आजीविका के अवसर सृजित किए जा सकें।
विशिष्ट सहभागी
श्री शैलेंद्र चौहान ने प्रतिभागियों को कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी और इसके मुख्य उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा की, ग्रामीण निर्माण क्षेत्र में कौशल विकास के महत्व पर जोर दिया।
श्री जगदिंग, निदेशक, पीएनबी आरसेटी कैथल ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और आरसेटी (ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) की कार्यप्रणाली और गतिविधियों के बारे में व्यापक जानकारी प्रदान की, ग्रामीण उद्यमिता विकास में इसकी भूमिका को उजागर किया।
कार्यक्रम में डॉ. कृष्णा, नोडल अधिकारी, एचएसआरएलएम (हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) और श्री , मनोज कुमार जी जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) की भी मूल्यवान सहभागिता रही, जिन्होंने प्रशिक्षण पहल में अपनी विशेषज्ञता का योगदान दिया।
महत्व
यह सर्टिफिकेशन प्रोग्राम ग्रामीण निर्माण क्षमताओं को बढ़ाने और राजमिस्त्री डोमेन में कुशल कार्यबल तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल कौशल विकास और टिकाऊ आजीविका सृजन के माध्यम से ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने की ग्रामीण
और संस्थानों के बीच सहयोगात्मक प्रयासों को प्रदर्शित करता है। और यह भारत की अर्थव्यवस्था में एक महत्त्वपूर्ण योगदान है।

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