रखैल आपके साथ तब तक रहती है, जब तक आपकी जेब भरी रहती है।
जिसे आप ‘प्रेमिका’ कहते हैं न… वो आपको प्रेम नहीं करती,
वो सिर्फ पैसे से प्यार करती है।
जिस दिन आपकी जेब खाली,
उसी दिन वो आपको ऐसे लात मारकर निकल देगी,
जैसे कभी जानती तक नहीं थी।
क्योंकि रखैल का किसी से कोई रिश्ता नहीं होता—
उसका सिर्फ एक धंधा होता है… पैसा।
आप मानें या न मानें,
हजारों उदाहरण उठाकर देख लीजिए…
जिसे आप प्रेम समझ रहे हैं,
वो बस एक सौदा है।
अगर आज आप उस पर महीने के 10 हज़ार उड़ा रहे हैं,
और कल कोई 20 हज़ार देने वाला मिल गया—
वो उसी के साथ चली जाएगी।
क्योंकि उसके दिमाग में आप नहीं,
रुपया बैठा होता है।
पत्नी वो होती है,
जो सुख-दुख में साथ निभाती है।
रखैल वो है,
जो हर किसी को ‘पति’ बनाकर इस्तेमाल कर सकती है।
इसलिए वक्त रहते संभल जाइए।
पैसा भी चला जाएगा,
और पत्नी का रिश्ता भी।
फिर आख़िर में हाथ आएगा सिर्फ… खालीपन।
सुधरिए, और अपनी पत्नी के साथ
एक मधुर और सम्मान वाला रिश्ता बनाईए।
इसी में आपकी असली जीत है।”



