गुहला चीका। दैनिक अमृतधारा (वरुण वधावन) हुकम सिंह
नो नशा, नेशन मुहिम के तहत डी ए वी कॉलेज चीका व आर्य युवा समाज द्वारा 100 कुंडियां हवन यज्ञ अनाज मंडी चीका में आयोजित किया गया। यज्ञ के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका चेयरपर्सन रेखा रानी ने शिरकत की। चेयरपर्सन रेखा रानी व कॉलेज के प्रिंसिपल जसवीर सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम अध्यक्ष योगी सूरी की अध्यक्षता में जो नशा नेशन कैंपेन आयोजित किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत आज अनाज मंडी से की गई है ।
यह मुहिम पूरे हरियाणा में चलाई गई है ।उन्होंने कहा कि इसका मकसद समाज में बढ़ रहे नशे के दुष्प्रभाव के प्रति लोगों को जागरूक करना ,युवाओं को गलत रास्ते बचाना तथा परिवारों में व्यापक चिताओं को दूर करना है ।उन्होंने कहा कि नशा ने केवल व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे परिवार में समाज को प्रभावित करता है ।
इसीलिए यह हवन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि एक सामाजिक आंदोलन का रूप ले रहा है ।उन्होंने कहा कि वैदिक मंत्रोच्चार ,यज्ञ भजन, कीर्तन और प्रेरणादायक संदेशों के माध्यम से लोगों को सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना हमारा मकसद है। यह कार्यक्रम युवाओं को सही दिशा दिखाने पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करने और समाज को नशे के अंधकार से उभरने की एक सामूहिक महल है ।ऐसे कार्यक्रम आगे भी करते रहेंगे।उन्होंने कहा कि गुहलाचीका क्षेत्र हरियाणा पंजाब सीमा से सटा हुआ क्षेत्र है इसलिए बाहरी राज्यों से क्षेत्र में नशा आ रहा है हालांकि प्रशासन भी अपने स्तर पर एक विशेष मुहिम के तहत कार्य कर रही है ।साथ ही आर्य समाज व डीएवी कालेज ने भी यज्ञ के माध्यम से नशे को खत्म करने का बीड़ा उठाया है।

बॉक्स:: वहीं दूसरी ओर डी ए वी स्कूल द्वारा भी नो नशा नेशन कैंपेन का आयोजन किया गया।

डीएवी स्कूल चीका द्वारा नो नशा, नेशन कैंपेन आयोजित।
गुहला चीका
आर्य युवा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगी सूरी व आर्य युवा समाज प्रतिनिधि सभा दिल्ली के नेतृत्व में 100 कुंडीय हवन यज्ञ
डीएवी कॉलेज प्रबंधन समिति दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष पदम श्री पूनम सूरी के मार्गदर्शन से हुड्डा R-1 खेड़ा चौंक के पार्क में भव्य 100 कुंडीय हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से पूरे समाज में “नो नशा – नेशन कैंपेन” को सशक्त रूप से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। यह कार्यक्रम नशामुक्त भारत के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और यज्ञीय अग्नि प्रज्वलन के साथ हुई। सैकड़ों श्रद्धालुओं, युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बच्चों, शिक्षकों एवं स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यज्ञ में 100 कुंडों के माध्यम से स्वास्थ्य, सदाचार, नशा-मुक्ति और राष्ट्र निर्माण के लिए आहुतियाँ समर्पित की गईं। कार्यक्रम में मुख्य यजमान परमानंद गोयल, बैसाखी राम जिंदल, प्रेम सिंह पूनिया ने कहा नशा केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि परिवार और राष्ट्र की उन्नति को भी बाधित करता है।

आर्य समाज वर्षों से समाज सुधार, शिक्षा प्रसार और नशा-मुक्ति के लिए कार्य कर रहा है। “नो नशा – नेशन कैंपेन” का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक कर उन्हें सकारात्मक दिशा देना है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से नशा-मुक्त जीवन का संकल्प लिया और इसे घर-घर तथा समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने का वचन दिया।

आयोजन स्थल पर स्वास्थ्य जागरूकता शिविर, योग-प्रशिक्षण, वैदिक साहित्य प्रदर्शनी तथा नशामुक्ति पर परामर्श केंद्र भी लगाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने लाभ उठाया।

इस आयोजन की विशेषता यह रही कि डीएवी स्कूल चीका ने नशा-मुक्ति जागरूकता के इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रबंधन ने न केवल सक्रिय रूप से हवन में भाग लिया, बल्कि विद्यालय स्तर पर नशामुक्ति प्रतिज्ञा, जागरूकता रैली, पोस्टर एवं निबंध प्रतियोगिता, योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता सत्र जैसी गतिविधियाँ आयोजित कर इस राष्ट्रीय अभियान को मजबूती प्रदान की। स्कूल की क्षेत्रीय निर्देशक सुमन निजावन ने कहा कि “नशा आज हमारे युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और भविष्य को सबसे अधिक प्रभावित करने वाली बुराइयों में से एक है। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल परीक्षा उत्तीर्ण करना नहीं, बल्कि जीवन में सही दिशा और अनुशासन स्थापित करना है। ऐसे पवित्र यज्ञ और जनजागरण अभियान समाज को एकजुट करते हैं और युवाओं में आत्मविश्वास तथा जागरूकता का संचार करते हैं। हमें मिलकर यह संकल्प लेना होगा कि न हम नशा करेंगे, न किसी को करने देंगे, और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ राष्ट्र देंगे।” स्कूल प्रधानाचार्या संध्या बठला ने कहा कि विद्यालयों को “नशा-मुक्त भारत” के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए और छात्रों को स्वास्थ्य, संयम, योग-ध्यान तथा चरित्र निर्माण की दिशा में निरंतर प्रेरित करना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में आर्य समाज के पदाधिकारियों ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद व्यक्त किया और यह विश्वास जताया कि यह अभियान समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस मौके पर स्कूल के प्रधानाचार्या संध्या बठला के साथ स्कूल के सभी अध्यापक गण व विद्यार्थियों के अभिभावक गण भी मौजूद रहे।

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