रंजना शुक्ला/ अमृतधारा/
कोलकाता/मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से TMC विधायक हुमायूं कबीर द्वारा नई ‘बाबरी मस्जिद’ की आधारशिला रखने के बाद राज्य की राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं। इस कदम को लेकर विपक्षी दलों ने इसे “राजनीतिक ध्रुवीकरण का प्रयास” बताया है।

विरोधियों का कहना है कि बाबरी मस्जिद का नाम फिर उठाना सामाजिक माहौल को प्रभावित करने और समुदायों में तनाव बढ़ाने वाला कदम हो सकता है। उनका आरोप है कि TMC इस मुद्दे का इस्तेमाल वोट बैंक की राजनीति के लिए कर रही है। कुछ नेताओं ने कहा कि मस्जिद निर्माण किसी भी धार्मिक आधार पर हो सकता है, लेकिन ऐतिहासिक विवादों से जुड़े नामों का उपयोग समाज में अनावश्यक तनाव पैदा कर सकता है।

आलोचकों ने यह भी कहा कि देश इस समय श्री राम मंदिर निर्माण के बाद सद्भाव और विकास की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है, और ऐसे में विवादित विषयों को फिर से उठाना राज्य के माहौल को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने इसे “समाज को बांटने वाला कदम” बताते हुए चुनावी रणनीति से प्रेरित बताया।

दूसरी तरफ, TMC की ओर से अब तक इस विवाद पर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा बंगाल की राजनीति में और अधिक गर्मा सकता है।


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