मेडिकल संचालकों की मीटिंग लेकर दिए निर्देश: नियमों का उल्लंघन कदापि बर्दाश्त नहीं
रतिया, 12 दिसंबर।(नरेन्द्र बंसल)
पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धांत जैन, आईपीएस के दिशा-निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन जीवन ज्योति के तहत रतिया में सभी मेडिकल स्टोर व क्लिनिक संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता डीएसपी रतिया श्री संजय ने की। बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि नशीली दवाओं एवं इंजेक्शन के गलत उपयोग को रोकने के लिए पुलिस अब पूरी सख्ती बरतेगी।
डीएसपी संजय ने मेडिकल संचालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिना वैध डॉक्टर की पर्ची के किसी भी प्रतिबंधित या नशीली दवा की बिक्री पर तुरंत कानूनी एक्शन लिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि बिना डॉक्टर की पर्ची के सिरिंज बेचना भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है, क्योंकि सिरिंज का दुरुपयोग नशे के इंजेक्शन के रूप में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे मामलों में संबंधित दुकानदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस टीम ने यह स्पष्ट किया कि सभी मेडिकल स्टोरों की सीसीटीवी फुटेज, बिलिंग रिकॉर्ड और गतिविधियों की समय-समय पर जांच होगी। हर प्रतिष्ठान में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगे हों और उनका बैकअप सुरक्षित रखा जाए—अन्यथा इसे नियम उल्लंघन माना जाएगा।
साथ ही निर्देश दिए गए कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति द्वारा बड़ी मात्रा में दवा या सिरिंज खरीदे जाने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें। सूचना छिपाने वालों पर भी कार्रवाई तय मानी जाएगी।
अंत में, डीएसपी संजय ने बताया कि ऑपरेशन जीवन ज्योति का उद्देश्य नशे के दुरुपयोग पर पूर्ण रोक लगाना है, जिसमें मेडिकल संचालकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में ऐसे औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे।



