कुरुक्षेत्र दैनिक अमृत धारा (सुनील शर्मा)| 15 दिसंबर 2025
आज मनरेगा मजदूर यूनियन के राज्य प्रधान कामरेड नरेश कुमार एवं महासचिव कामरेड सोमनाथ ने स्थानीय थीम पार्क में धरना दे रहे पीजीआईएमएस रोहतक के अनुबंधित कर्मचारियों से मुलाकात की और उनके आंदोलन को समर्थन दिया।
कर्मचारियों ने बताया कि हरियाणा सरकार एवं पीजीआईएमएस रोहतक प्रशासन द्वारा लंबे समय से अनुबंधित कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है तथा उनकी न्यायसंगत मांगों की अनदेखी की जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि वे 2 जून 2025 से निरंतर यह मांग कर रहे हैं कि सभी अनुबंधित कर्मचारियों को सरकार की कौशल रोजगार कर्मचारी नीति में शामिल किया जाए, लेकिन सरकार उनकी मांगों को दबाती आ रही है।
कर्मचारियों ने यह भी बताया कि वे इस उम्मीद के साथ मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के कुरुक्षेत्र निवास पहुंचे थे कि उनकी बात सुनी जाएगी, परंतु मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों पर विचार करने के बजाय पुलिस की सहायता से दमन कराया और कर्मचारियों को जबरन बसों में भरकर रोहतक भेज दिया। इसके बाद से ये कर्मचारी कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे थीम पार्क में धरने पर बैठे हुए हैं।
इस अवसर पर मनरेगा मजदूर यूनियन के राज्य प्रधान कामरेड नरेश कुमार एवं महासचिव कामरेड सोमनाथ (सदस्य, केंद्रीय कोर्डिनेटर टीम—मासा) ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के कर्मचारी-विरोधी रवैये की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि पीजीआईएमएस रोहतक के अनुबंधित कर्मचारियों की मांगें पूरी तरह न्यायसंगत हैं और मांगों को मानने के बजाय पुलिसिया दमन का सहारा लेना अत्यंत निंदनीय है। नायब सिंह सैनी सरकार के लिए यह अत्यंत शर्मनाक है कि कर्मचारी महिलाओं को भी खुले आसमान के नीचे रात दिन धरने पर बैठना पड़ रहा है।
यूनियन नेताओं ने हरियाणा सरकार से मांग की कि वह तुरंत कर्मचारी-विरोधी रवैया त्यागकर कर्मचारियों की मांगों को पूरा करे। ये कर्मचारी पिछले 10 से 20 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं; उन्हें ठेकेदारों के हवाले कर शोषण की खुली छूट देना सरासर अन्याय है। मनरेगा मजदूर यूनियन संघर्षरत कर्मचारियों के साथ पूर्ण एकजुटता व्यक्त करती है और उनके संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है



