संत किसी एक जाति या धर्म के नहीं होकर पूरे समाज के होते हैं मार्गदर्शक.. नवाब आजाद
छछरौली(अंजू प्रवेश कुमारी दैनिक अमृत धारा)संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी के 649वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में छछरौली में श्रद्धा और उत्साह के साथ खीर के भंडारे का आयोजन किया गया। यह आयोजन राजकीय महाविद्यालय छछरौली के सामने रविदासिया समाज के युवाओं द्वारा किया गया, जिसमें सर्व समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मौके पर विशाल चौधरी गनौली व उनकी टीम ने आए हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी एवं कांग्रेस नेता नवाब खान आजाद विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने भंडारे में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया और उपस्थित लोगों को संत श्री गुरु रविदास जी के जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं। नवाब खान आजाद ने अपने संबोधन में कहा कि संत किसी एक जाति या धर्म के नहीं होते, बल्कि वह पूरे समाज के मार्गदर्शक होते हैं। संत सदैव सर्व समाज के कल्याण की भावना से कार्य करते हैं।
उन्होंने कहा कि संत श्री गुरु रविदास जी एक महान संत थे, जिनकी शिक्षाएं आज भी समाज को समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश देती हैं। उनकी शिक्षाओं से प्रेरित होकर हजारों लोग उनके अनुयायी बने। नवाब खान आजाद ने युवाओं से आह्वान किया कि वे संत रविदास जी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलकर समाज में आपसी प्रेम और सौहार्द को मजबूत करें।
कार्यक्रम के आयोजक विशाल चौधरी गनौली एवं उनकी टीम द्वारा अतिथियों का स्वागत संत श्री गुरु रविदास जी का पटका एवं फोटो भेंट कर सम्मानपूर्वक किया गया।
इस मौके पर विशाल चौधरी, सरवन सिंह, पंकज छछरौली, शुभम संधाय, गुरप्रीत गनौली, अंकित गनौली, पंकज, गौरव गनौली, दिशांत मानकपुर, नितिन, गुलशन, अभिनव सहित सैकड़ों युवक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।



