औरत ने जवाब दिया
“जी, मैं घी बेच रही हूँ।
आदमी ने कहा:
“अच्छा, दिखाओ तो, कैसा है…???
जब औरत ने घी का भारी मटका सिर से उतारा तो थोड़ा घी उस आदमी की कमीज़ पर गिर गया। यह देखकर वह आदमी बहुत बिगड़ गया और गुस्से से दहाड़ते हुए बोला:
“नज़र नहीं आता क्या? मेरी कीमती कमीज़ खराब कर दी है तूने! जब तक इसकी कीमत तूसे वसूल न कर लूँ, तुझे यहाँ से हिलने भी नहीं दूँगा।
बेचारी औरत ने कहा..???
“मैं ग़रीब औरत हूँ, मैंने आपकी कमीज़ पर घी जानबूझकर नहीं गिराया। मुझ पर रहम करो और मुझे जाने दो।
लेकिन आदमी ने ज़िद पकड़ ली और बोला:
“जब तक कीमत न मिले, मैं तुझे जाने नहीं दूँगा।
औरत ने पूछा….
“कितनी कीमत है आपकी कमीज़ की..???
आदमी ने कहा:
“एक हज़ार दिरहम।
औरत रोते हुए बोली…
“मैं तो फ़क़ीर औरत हूँ, मेरे पास एक हज़ार की रकम कहाँ से आएँगे..???
घमंडी आदमी ने बेरहमी से कहा…
“मुझे इस बात से कोई मतलब नहीं।
औरत ने गिड़गिड़ाते हुए कहा:
“मुझ पर रहम करो और मुझे यूँ बदनाम मत करो।
तभी वहाँ से एक नौजवान गुज़रा। उसने औरत से पूरा मामला पूछा तो औरत ने सारा किस्सा कह सुनाया।
नौजवान ने उस आदमी से कहा…
“जनाब, मैं आपको आपकी कमीज़ की कीमत देता हूँ।
और उसने जेब से एक हज़ार की रकम निकालकर उस घमंडी आदमी को दे दिए।
वह आदमी हज़ार की रकम लेकर जाने लगा तो नौजवान ने कहा:
“कहाँ जाते हो?”
आदमी ने पूछा:
“तुम्हें मुझसे और क्या चाहिए..???
नौजवान ने कहा:
“तुमने अपनी कमीज़ की कीमत ले ली है, अब अपनी कमीज़ हमें दो और जाओ।
आदमी हैरानी से बोला…
“कमीज़ किसलिए..???
नौजवान ने जवाब दिया:
“हमने तुम्हें कमीज़ के पैसे दे दिए हैं, अब कमीज़ हमारी हुई।
आदमी घबराकर बोला…
“तो क्या मैं नंगा जाऊँ..???
नौजवान ने कहा:
“हमें इससे क



