चंडीगढ़/अमृतधारा/रविन्द्र पोपली/14.10.26 : चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पेट्रोलियम ट्रेडर्स, पेट्रोलियम पंप डीलर्स एसोसिएशन पंजाब और पेट्रोलियम डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा ने पेट्रोल पंप डीलरों की आर्थिक समस्याओं, यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित एमडीआर शुल्कों और अंतरराज्यीय ईंधन तस्करी पर चिंता जताई।
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पेट्रोलियम ट्रेडर्स के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोंटी सहगल ने यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित एमडीआर शुल्कों को डिजिटल लेनदेन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए पेट्रोलियम डीलरों को इससे पूरी तरह छूट देने की मांग की। पंजाब पेट्रोलियम पंप डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष परमिंदर सिंह दोआबा और हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव चौधरी ने कहा कि सीमित मार्जिन और बढ़ते खर्चों के कारण डीलरों के लिए इन शुल्कों को वहन करना मुश्किल है।
परमिंदर सिंह दोआबा के अनुसार, पेट्रोल पंपों की संख्या में वृद्धि के कारण प्रति पंप औसत बिक्री में गिरावट आई है। पंजाब और हरियाणा में बिक्री प्रति माह 100 किलोलीटर से भी नीचे पहुंचने से कई पेट्रोल पंप गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
डीलर संगठनों ने केंद्र सरकार और तेल विपणन कंपनियों से डीलर मार्जिन बढ़ाकर बिल की वैल्यू का 7 प्रतिशत करने तथा कम बिक्री वाले छोटे डीलरों को प्राथमिकता देने की मांग की। साथ ही, पंजाब और हरियाणा सरकारों से चंडीगढ़ की अपेक्षाकृत कम वैट दरों के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में हो रही ईंधन तस्करी पर रोक लगाने और वैट दरों में समानता लाने पर विचार करने का आग्रह किया।
प्रेस वार्ता में संजीव चौधरी, परमिंदर सिंह दोआबा, मोंटी सहगल, मलिका गर्ग, राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष गुलशन डांग और डॉ. मनजीत सिंह सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।