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शादी

September 15, 2026
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शादी

शादी को दस साल हो चुके थे। हमारी जिंदगी बिल्कुल सामान्य चल रही थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों से मुझे अपने पति के व्यवहार में अजीब बदलाव दिखाई दे रहा था। वो पहले की तरह बात नहीं करते थे, देर रात तक बाहर रहते और घर आते ही चुपचाप सो जाते। मैंने कई बार पूछा, “क्या हुआ है?” लेकिन हर बार उनका जवाब होता, “कुछ नहीं।”

एक रात मैंने उनसे सीधे पूछा, “आप मुझसे कुछ छुपा रहे हैं?” उन्होंने मेरी तरफ देखा और कुछ सेकंड चुप रहने के बाद कहा, “अगर मैं सच बता दूँ, तो शायद तुम आज के बाद मेरे साथ नहीं रहोगी।” मेरी धड़कन तेज हो गई। मैंने पूछा, “ऐसा क्या कर दिया आपने?” वो बिना जवाब दिए कमरे से बाहर चले गए।

अगली सुबह उन्होंने मेरे सामने एक लिफाफा रखा और कहा, “इसे अभी मत खोलना। जब मैं घर से चला जाऊँ, तभी पढ़ना।” मैंने हैरानी से पूछा, “आप कहाँ जा रहे हैं?” उन्होंने बस इतना कहा, “जहाँ से शायद मैं वापस न आऊँ।”

मैं पूरी रात सो नहीं पाई। सुबह होते ही मैंने लिफाफा खोलने का फैसला किया, लेकिन तभी पति ने मेरा हाथ पकड़ लिया और कहा, “रुको… पहले मेरे साथ एक जगह चलो।”

मैं उनके साथ शहर के बाहर एक छोटे-से अस्पताल पहुँची। उन्होंने मुझे एक कमरे के बाहर रोककर कहा, “अंदर जाने से पहले मुझसे एक वादा करो—जो भी देखोगी, उसके बाद मुझसे नफरत मत करना।”

मैंने घबराकर पूछा, “अंदर कौन है?”

उन्होंने दरवाज़ा खोला।

अंदर उनकी माँ थीं, जो काफी बीमार थीं और इलाज के लिए तुरंत ऑपरेशन की जरूरत थी।

मैंने हैरानी से पति की तरफ देखा और पूछा, “आपने मुझसे ये सब क्यों छुपाया?”

उन्होंने धीमी आवाज़ में कहा, “क्योंकि ऑपरेशन के लिए जितने पैसे चाहिए थे, वो हमारे पास नहीं थे। मैंने सोचा था कि अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी परेशानी अकेले संभाल लूँगा।”

मैंने पूछा, “और वो लिफाफा?”

उन्होंने मेरी तरफ देखकर कहा, “उसमें हमारे घर के कागज हैं। मैं उसे बेचने वाला था।”

मोनिका 89297 09358

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