सेंट जॉन एम्बुलेंस इंटरनेशनल एसोसिएशन का फर्स्ट एड प्रशिक्षण आज की बुनियादी जरूरत: जवाहरलाल
गुहला चीका/गुरदेव जोसन/दैनिक अमृत धारा/26 अगस्त 2025/
आपातकाल स्थिति में घायल व्यक्ति की जान बचाने में फर्स्ट एड का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। यह विचार बाबा पंचम पुरी उच्च विद्यालय भागल में मुख्य अध्यापक जवाहरलाल ने सेंट जॉन एम्बुलेंस इंटरनेशनल एसोसिएशन इंडिया के फर्स्ट एड एवं सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहे। जवाहरलाल ने कहा कि एसोसिएशन का यह प्रशिक्षण आज की बुनियादी जरूरत है। सेंट जॉन एम्बुलेंस इंटरनेशनल एसोसिएशन इंडिया के फर्स्ट एड मास्टर ट्रेनर गोल्ड मेडलिस्ट डॉ राजा सिंह झींजर ने विद्यार्थीयों एवं स्टॉफ सदस्यों को फर्स्ट एड व सीपीआर प्रशिक्षण देते हुए कहा कि भारत में सड़क दुर्घटनाओं में इजाफा जहां एक तरफ चिंता का विषय है वहीं इन दुर्घटनाओं में आकस्मिक घायल को सही समय पर फर्स्ट एड ना मिलने से मौत का बढ़ता आंकड़ा और भी गंभीर विषय है। डॉ झींजर ने कहा कि अगर भारत का हर नागरिक फर्स्ट एड और सीपीआर से प्रशिक्षित होगा तो मृत्यु के आंकड़ों को 50% तक कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वाहन को चलाते समय हमें सड़क नियमों की पालना के साथ-साथ वाहन की गति सीमित रखने की जरूरत है। बाबा पंचम पुरी स्कूल में 150 विद्यार्थियों और 12 अध्यापकों ने एक दिवसीय जीवन रक्षक फर्स्ट एड प्रशिक्षण लिया। इस प्रशिक्षण का आयोजन जिला कैथल में भारत सरकार के नेशन पैरामाउंट मिशन 2030 के तहत सेंट जॉन एम्बुलेंस इंटरनेशनल एसोसिएशन इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर राजपाल पुनिया के दिशा निर्देशन में किया जा रहा है।


डॉ झींजर ने प्रशिक्षण में प्राथमिक चिकित्सा सहायता की परिभाषा, आवश्यकता व महत्व के साथ-साथ बिजली करंट लगने, हड्डी की टूट, रक्तस्राव, जहरीले जीव के काटने या जहरीले पदार्थ के निगलने, बेहोशी, सदमा, नकसीर आना, बंद सांस और दिल को पुनः चालू करना आदि की पहचान, उपचार और घायल एवं पीड़ित को अस्पताल पहुंचने की कारगर विधियों का प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने कहा कि बेहोश व्यक्ति को खिलाने या पिलाने का प्रयास बेहद जानलेवा साबित होते हैं इससे उसका श्वास मार्ग बंद हो सकता है। डॉ राजा सिंह झींजर ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण को हल्के में लेना या जीवन की जरूरत ना समझना, हमारी बहुत बड़ी चूक है। बिना प्रशिक्षण के जीवन रक्षक प्रयास करना स्वयं और दूसरों के जीवन के लिए गंभीर खतरा बन जाता है। स्कूल के अध्यापक रामकुमार पूनिया ने कहा कि ट्रेनिंग के बाद ही पता चलता है कि ऐसे प्रशिक्षण स्वयं के जीवन में कितना महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। उन्होंने कहा कि सभी भौतिक सुविधाओं का आनंद हमारे सुरक्षित एवं स्वास्थ्य रहने ही उठाया जा सकता है। इस अवसर पर सुजान सिंह, पारसनाथ यादव, ममता रानी, नेहा रानी, पुष्पा देवी, कुशविंदर कौर, पन्ना देवी, प्रदीप कुमार, वीरपाल कौर, रामकुमार, निशा रानी आदि सहित सभी अध्यापक प्राध्यापक उपस्थित थे।
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सीपीआर का प्रशिक्षण देते हुए सेंट जॉन एम्बुलेंस इंटरनेशनल एसोसिएशन इंडिया मास्टर ट्रेनर फर्स्ट एड स्पेशलिस्ट डॉ राजा सिंह झींजर व प्रशिक्षण लेते शिक्षक एवं विद्यार्थी।



