व कठिन परिश्रम पर निर्भर करता है। शर्मा ने कहा कि यह प्रशिक्षण स्कूली शिक्षा पाठ्यक्रम का अहम हिस्सा है और विद्यार्थियों को समय-समय पर उपलब्ध होना चहिए। अध्यापक सुरेश कुमार व टिंकू शर्मा ने मानव डमी पर सीपीआर प्रशिक्षण को जीवन का पहला दुर्लभ अनुभव बताया। स्कूल के 587 विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों ने यह जीवन रक्षक प्रशिक्षण लिया। इस अवसर पर संजीव कुमार, राज सिंह, मीनू, रेणु देवी, सरोज, मंजू, रेखा रानी, शिवानी, सोनम गुप्ता, सुरेशकुमार, देविंद्र शर्मा, अनीता, कविता रानी, काजल रानी, मनीषा, आरती सहित सभी अध्यापक प्राध्यापक उपस्थित थे।
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बेहोश के सांस और दिल बंद होने पर सीपीआर प्रशिक्षण देते हुए सेंट जॉन एम्बुलेंस इंटरनेशनल एसोसिएशन इंडिया प्रवक्ता डॉ राजा सिंह झींजर।
मुझे बेवकूफ समझने वालों
मैं हर बात जानती हूं
हर झूठ हर धोखा वो सब जानती हूं
जो तुमने मेरे साथ किया है
सब कुछ जानते हुए मैंने आज तक
तुम्हें कुछ नहीं बोला क्योंकि मैं
तुम्हारी आखरी हद देखना चाहती थी
तुम मुझे अपना अपना बोल कर बर्बाद करते गए
मैं चुप चाप सहती गई
क्योंकि भगवान के घर देर है अंधेरे नहीं
❤️ ऐ हवा
जाकर उसका दिल धड़का दे
उसे याद दिला दे कि कोई है उसे
हर पल याद करता है।❤️



