आज की सुबह एक और काली सुबह लेकर आई। दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पुजारी को बेरहमी से मार दिया गया। जब मंदिरों और पुजारियों पर भी हमला हो रहा है, तो आम लोगों का क्या होगा ? यार ये कैसी कानून व्यवस्था है ? अब हम अपने मंदिरों में भी सुरक्षित नहीं रहे, ये हत्या हमारी आस्था और सुरक्षा पर किया सीधा हमला है।
वैसे भी पिछले कुछ महीनों से दिल्ली में दिनदहाड़े लूट, चोरी, और हत्या की खबरें आम हो गई हैं। अगर गृहमंत्री जी की पुलिस दिल्ली के लोगों को सुरक्षा देने में नाकाम है, तो फिर ऐसे गृहमंत्री और BJP सरकार का क्या मतलब है?
ये लोग कब तक दिल्ली की कानून व्यवस्था से पल्ला झाड़ते रहेंगे, हमारी सुरक्षा की जिम्मेदारी कोई तो ले! ये तो बिल्कुल ठीक नहीं है ‼️



