गुहला चीका/एस के गिरधर /दैनिक अमृत धारा/29 अगस्त
सेंट जॉन एम्बुलेंस एक इंटरनेशनल संस्था है जो भारत के हर राज्य में जीवन रक्षक प्रशिक्षण फर्स्ट एड का महान कार्य कर रही है जिसके माध्यम से आकस्मिक दुर्घटनाओं एवं प्राकृतिक आपदाओं में मृतक आंकड़े को कम किया जा सकता है। यह जानकारी सेंट जॉन एम्बुलेंस इंटरनेशनल एसोसिएशन इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर राजपाल पुनिया ने दी। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन द्वारा देश के हर गांव तक फर्स्ट एड प्रशिक्षण की व्यवस्था हेतु मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षित किया जा रहे हैं जो जन-जन को जीवन सुरक्षा का गुर मंत्र सिखाएंगे। डॉ पूनिया ने कहा कि हरियाणा प्रदेश में जिलास्तर पर कार्यालय स्थापित किये जा रहे हैं जहां फर्स्ट एड प्रशिक्षण आधुनिक प्रशिक्षण पद्धति से विश्व स्तर का उपलब्ध होगा वहीं पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। सेंट जॉन एम्बुलेंस इंटरनेशनल एसोसिएशन हरियाणा राज्य शाखा के फर्स्ट एड स्पेशलिस्ट मास्टर ट्रेनर गोल्ड मेडलिस्ट डॉ राजा सिंह झींजर ने कहा कि गांव-कस्बों के बेरोजगार शिक्षित युवाओं को कंडक्टर एवं ड्राइवर लाइसेंस के लिए उनके गांव एवं शहर स्तर पर ही फर्स्ट एड प्रशिक्षण की व्यवस्था है वो एसोसिएशन के टोल फ्री नंबर 1800 2022 450 या वेबसाइट www.stjohncouncil.co.in पर अपने प्रशिक्षण के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकता है। सरकार के राष्ट्र सर्वोपरि मिशन 2030 के तहत सेंट जॉन एम्बुलेंस इंटरनेशनल एसोसिएशन इंडिया फर्स्ट-एड प्रशिक्षण के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता और अखंडता योजनाओं व सामाजिक जागृति को प्राथमिकता देगी तथा देश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगी। डॉ राजा सिंह झींजर ने उप मंडल के बलबेहडा स्थित सरस्वती पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों, स्टॉफ सदस्यों व स्कूल बस चालकों को फर्स्ट एड प्रशिक्षण देते हुए कहा कि ट्रेंड फर्स्ट एडर ही दुर्घटना स्थल पर समुचित फर्स्ट-एड देकर घायल को नया जीवन दे सकता है। उन्होंने फर्स्ट एड के महत्व और आज के वैज्ञानिक युग में फर्स्ट एड प्रशिक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को हड्डी की टूट, सांस और दिल रुकने, रक्तस्राव, घाव, पानी में डुबने, बिजली करंट लगने, जहरीले जीव के काटने, बेहोशी, सदमा, हार्ट अटैक, नकसीर आना आदि की पहचान, कारण व उपचार के विस्तृत प्रशिक्षण के साथ-साथ मानव डमी पर सीपीआर का अभ्यास करवाया। विद्यालय के प्रबंधक श्यामलाल शर्मा ने डॉक्टर झींजर की कुशल प्रशिक्षण पद्धति की सराहना करते हुए कहा कि यह फर्स्ट एड प्रशिक्षण काफी दुर्लभ है व कठिन परिश्रम पर निर्भर करता है। शर्मा ने कहा कि यह प्रशिक्षण स्कूली शिक्षा पाठ्यक्रम का अहम हिस्सा है और विद्यार्थियों को समय-समय पर उपलब्ध होना चहिए। अध्यापक सुरेश कुमार व टिंकू शर्मा ने मानव डमी पर सीपीआर प्रशिक्षण को जीवन का पहला दुर्लभ अनुभव बताया। स्कूल के 587 विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों ने यह जीवन रक्षक प्रशिक्षण लिया। इस अवसर पर संजीव कुमार, राज सिंह, मीनू, रेणु देवी, सरोज, मंजू, रेखा रानी, शिवानी, सोनम गुप्ता, सुरेशकुमार, देविंद्र शर्मा, अनीता, कविता रानी, काजल रानी, मनीषा, आरती सहित सभी अध्यापक प्राध्यापक उपस्थित थे।

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बेहोश के सांस और दिल बंद होने पर सीपीआर प्रशिक्षण देते हुए सेंट जॉन एम्बुलेंस इंटरनेशनल एसोसिएशन इंडिया प्रवक्ता डॉ राजा सिंह झींजर।

व कठिन परिश्रम पर निर्भर करता है। शर्मा ने कहा कि यह प्रशिक्षण स्कूली शिक्षा पाठ्यक्रम का अहम हिस्सा है और विद्यार्थियों को समय-समय पर उपलब्ध होना चहिए। अध्यापक सुरेश कुमार व टिंकू शर्मा ने मानव डमी पर सीपीआर प्रशिक्षण को जीवन का पहला दुर्लभ अनुभव बताया। स्कूल के 587 विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों ने यह जीवन रक्षक प्रशिक्षण लिया। इस अवसर पर संजीव कुमार, राज सिंह, मीनू, रेणु देवी, सरोज, मंजू, रेखा रानी, शिवानी, सोनम गुप्ता, सुरेशकुमार, देविंद्र शर्मा, अनीता, कविता रानी, काजल रानी, मनीषा, आरती सहित सभी अध्यापक प्राध्यापक उपस्थित थे

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