भाई मनजीत सिंह पठानकोट वालों के रसपूर्ण गुरबाणी कीर्तन से निहाल हुई संगत
जगाधरी वर्कशॉप (यमुनानगर): सिख धर्म के चौथे गुरु साहिब श्री गुरु रामदास जी का पावन प्रकाश पर्व गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, जगाधरी वर्कशॉप में बड़ी श्रद्धा, उत्साह एवं चढ़दी कला के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर आयोजित गुरमत समागम के दौरान गुरुद्वारा साहिब में आध्यात्मिकता और गुरबाणी के रस से भरपूर वातावरण देखने को मिला। बड़ी संख्या में संगत ने गुरुद्वारा साहिब में नतमस्तक होकर गुरु साहिब का आशीर्वाद प्राप्त किया।
समागम के दौरान प्रसिद्ध कीर्तनीए भाई मनजीत सिंह पठानकोट वालों ने अपनी मधुर आवाज में गुरबाणी कीर्तन करके संगत को निहाल किया। गुरबाणी के इलाही कीर्तन से पूरा गुरुद्वारा साहिब गुरु भक्ति के रंग में रंग गया। इसके साथ ही उन्होंने श्री गुरु रामदास जी के पावन जीवन, उनकी महान शिक्षाओं और सिख धर्म में उनके अमूल्य योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि श्री गुरु रामदास जी का जीवन हमें विनम्रता, सेवा, सिमरन, त्याग और मानवता की भलाई का संदेश देता है। गुरु साहिब की शिक्षाओं पर चलकर ही समाज में प्रेम, सद्भावना और आपसी भाईचारे की भावनाओं को मजबूत किया जा सकता है।
इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के प्रधान सरदार अमरीक सिंह और सचिव सरदार मनजीत सिंह ने गुरुद्वारा साहिब में पहुंची समस्त संगत का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिबान के प्रकाश पर्व हमें उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने और आने वाली पीढ़ियों तक गुरमत के सिद्धांत पहुंचाने की प्रेरणा देते हैं।
समागम के दौरान सरदार प्रभजीत सिंह, सरदार अमरजीत सिंह लाडी और सरदार मनदीप सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। सभी ने गुरु साहिब के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा व्यक्त की।
इस प्रकार गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, जगाधरी वर्कशॉप में श्री गुरु रामदास जी का प्रकाश पर्व गुरबाणी कीर्तन, गुरमत विचारों और संगत की भरपूर सहभागिता के साथ श्रद्धापूर्वक मनाया गया। समागम ने संगत को गुरु साहिब की शिक्षाओं पर चलने तथा सेवा और सिमरन से जुड़ने का संदेश दिया।