त्योहारों के व्यापारिक सीजन को प्रदर्शनों की भेंट न चढ़ने दें : हरीश गर्ग

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प्रदर्शनों से व्यापार, ग्राहकों की आवाजाही और छोटे कारोबारियों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका

रविंद्र पोपली
चंडीगढ़, 9 अक्टूबर 2026

चंडीगढ़: कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT), चंडीगढ़ चैप्टर ने सभी राजनीतिक दलों, संगठनों एवं प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि अक्टूबर 2026 से जनवरी 2027 तक चलने वाले त्योहारों एवं विवाह सीजन के दौरान ऐसे धरना-प्रदर्शनों और कार्यक्रमों से बचें, जिनसे बाजारों, व्यापारिक गतिविधियों और आम जनता की आवाजाही पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े।

कैट चंडीगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष हरीश गर्ग ने कहा कि त्योहारों एवं विवाह का सीजन व्यापारियों के लिए वर्ष का अत्यंत महत्वपूर्ण कारोबारी समय होता है। व्यापारी इस अवधि के लिए पहले से माल खरीदते हैं, दुकानों में अतिरिक्त स्टॉक रखते हैं, कर्मचारियों की व्यवस्था करते हैं और कारोबार चलाने के लिए पूंजी निवेश करते हैं। ऐसे में यदि प्रदर्शन, सड़क अवरोध या यातायात जाम के कारण ग्राहक बाजारों तक नहीं पहुंच पाते, तो बिक्री प्रभावित होने के साथ व्यापारियों की लागत और आर्थिक जोखिम भी बढ़ सकते हैं।

उन्होंने कहा कि व्यापारिक गतिविधियों में व्यवधान का असर केवल दुकानदारों तक सीमित नहीं रहता। बिक्री कम होने पर छोटे व्यापारियों के लिए किराया, वेतन, बिजली बिल, माल की खरीद और अन्य नियमित खर्च पूरे करना कठिन हो सकता है। पहले से खरीदे गए त्योहारों के सामान की बिक्री प्रभावित होने पर पूंजी लंबे समय तक फंसी रह सकती है। इससे छोटे दुकानदारों, कारीगरों, कर्मचारियों, थोक विक्रेताओं और आपूर्ति से जुड़े अन्य व्यवसायों पर भी असर पड़ सकता है।

हरीश गर्ग ने कहा कि बाजारों में ग्राहकों की निर्बाध आवाजाही व्यापार की बुनियादी आवश्यकता है। यदि मुख्य मार्ग बंद हों, पार्किंग तक पहुंच बाधित हो या ग्राहकों को लंबे जाम का सामना करना पड़े, तो वे खरीदारी टाल सकते हैं अथवा दूसरे बाजारों और ऑनलाइन माध्यमों का रुख कर सकते हैं। इसका नुकसान विशेष रूप से उन छोटे व्यापारियों को हो सकता है, जिनकी बिक्री ग्राहकों की बाजार में प्रत्यक्ष उपस्थिति पर निर्भर करती है।

कैट चंडीगढ़ चैप्टर के महासचिव भीम सेन ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन सभी का अधिकार है, लेकिन कार्यक्रमों की योजना बनाते समय व्यापारियों की आजीविका और आम जनता की सुविधा का ध्यान रखना भी आवश्यक है। उन्होंने राजनीतिक दलों एवं संगठनों से आग्रह किया कि वे प्रदर्शनों के लिए ऐसे स्थानों और समय का चयन करें, जिससे बाजारों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और यातायात पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।

कैट चंडीगढ़ चैप्टर ने प्रशासन से भी अपील की है कि त्योहारों एवं विवाह सीजन के दौरान संवेदनशील व्यापारिक क्षेत्रों में यातायात, पार्किंग और ग्राहकों की आवाजाही के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। प्रदर्शन आयोजकों और प्रशासन के बीच पूर्व समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि लोकतांत्रिक गतिविधियां शांतिपूर्ण ढंग से संचालित हों और व्यापारिक कार्य बाधित न हों।

हरीश गर्ग ने कहा कि राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों पर विरोध दर्ज कराना किसी का भी अधिकार है, लेकिन इसके कारण व्यापारियों की मेहनत, निवेश और आजीविका पर अनावश्यक संकट नहीं आना चाहिए। त्योहारों के इस महत्वपूर्ण सीजन में व्यापार को सुचारु बनाए रखना रोजगार, आर्थिक गतिविधियों और जनसुविधा के हित में है। इसके लिए सभी राजनीतिक दलों, संगठनों, प्रशासन और नागरिकों का सहयोग आवश्यक है।

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