इस्माईलाबाद दैनिक अमृतधारा विजय वधवा
शहर व क्षेत्र में सोमवार दोपहर के समय आई बरसात ने एक बार फिर से किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बरसात से जहां एक तरफ खेतों में खड़ी धान की फसल बिछ गई है वहीं दूसरी और अनाज मंडी में बिकवाली के लिए करीब 20 हजार क्विंटल धान भीग जाने से किसानों को खासा नुकसान होने का अनुमान है। दिन भर मौसम खराब होने से किसानों की सांसे अटकी रही। किसान अनिल कुमार, विष्णुदत्त शर्मा, कृष्ण कुमार, राजेश कुमार आदि ने बताया कि इस वर्ष किसानों पर मार पर मार पड़ रही है। पहले वायरस की मार, बाढ़ की मार, उसके बाद फसल हल्दी रोग और अब पिछले दो हफ्ते में पक्की हुई फसल पर दो बार बरसात की मार पड़ चुकी है। जिससे किसान को नुकसान पर नुकसान हो रहा है। किसानों ने बताया कि इस समय धान की फसल पक कर तैयार है। बेमौसमी बरसात के चलते धान की फसल खेतों में बिछ गई है। जिससे फसल में खासा नुकसान का अनुमान है। इसके अलावा बरसात के चलते आलु की बुवाई भी प्रभावित हो रही है। किसानों ने बताया कि इस समय आलू की फसल की बुवाई जोरों पर चल रही थी लेकिन पिछले हफ्ते में दो बार बरसात होने से खेत गीले होने के कारण आलू की बुवाई रुक गई है। जिससे किसानों का आलु का बीज खराब होने का खतरा बना हुआ है।



