यमुनानगर( अंजू प्रवेश कुमारी दैनिक अमृत धारा) हथिनी कुंड बैराज के पास 13 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया अत्याधुनिक पार्क, जिसे प्रदेश सरकार ने “पर्यावरण संरक्षण” और “स्थानीय पर्यटन” को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया था, अब धीरे-धीरे बर्बादी की ओर बढ़ रहा है। कभी इस पार्क को यमुनानगर का मिनी-टूरिस्ट हब कहा जाता था, आज वही जगह नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुकी है।कभी सुंदरता की मिसाल, अब वीरानी का आलमस्थानीय लोगों का कहना है कि शुरुआती दिनों में यह पार्क दूर-दूर से आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र था। हरियाली, बच्चों के खेलने की जगहें, बोटिंग के लिए तालाब, झूले और वॉकिंग ट्रैक यहाँ की विशेषता थे।स्टील की ग्रिल, बिजली के तार और लाइटें चोरी हो चुकी हैं।शौचालय की फिटिंग्स और टाइलें उखाड़ ली गईं।बच्चों के झूले और गमले तक गायब हो गए।दरवाजों के शीशे तोड़ दिए गए।बोटिंग के लिए बना तालाब अब गंदा और सूना पड़ा है, जहाँ आजकल मेंढक और कीचड़ ही दिखाई देते हैं।लापरवाही और भ्रष्टाचार की खुली पोलसोशल मीडिया पर वायरल रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस विभाग और अधिकारियों को पार्क की देखरेख की जिम्मेदारी दी गई थी, उन्होंने रखरखाव और सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया। पार्क को संभालने के लिए बनाए गए गार्ड भी समय पर तैनात नहीं किए गए।स्थानीय लोगों का आरोप है कि परियोजना से जुड़े कुछ अधिकारी और ठेकेदार भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, जिसके कारण न तो रखरखाव हुआ और न ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो पाई।स्थानीय नागरिकों और संगठनों में आक्रोशसामाजिक कार्यकर्ताओं और निवासियों ने सरकार से मांग की है कि:चोरी और तोड़फोड़ की घटनाओं की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।पार्क में सुरक्षा गार्ड, सीसीटीवी कैमरे और नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जाए।जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई हो।स्थानीय युवाओं और स्वयंसेवी संस्थाओं को पार्क के रखरखाव और सौंदर्यीकरण में जोड़ा जाए।उनका कहना है कि जब तक सख़्त कदम नहीं उठाए जाते, यह पार्क पूरी तरह उजड़ जाएगा और जनता के टैक्स के करोड़ों रुपये बेकार चले जाएंगे।

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