लंबित मांगें लागू न होने और निजीकरण के विरोध में 24 डिपो व 13 सब-डिपो के लगभग 20 हजार कर्मचारी करेंगे चक्का जाम
कैथल आज दिनांक 2. 11.26 को हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा द्वारा एक गेट मीटिंग कैथल डिपो में की गई। मीटिंग की अध्यक्षता कैथल डिपो के सांझा मोर्चे में शामिल सभी यूनियनों के डिपो प्रधान प्रवीण कुमार संदीप कुमार सुनील कुमार पवन कुमार ने की।मीटिंग का संचालन बलवान कुंडू पवन कुमार महेन्द्र सिंह परजोत सिह ने किया ने किया। इस मीटिंग में राज्य नेताओ कृष्ण किछाना महावीर संधु सुशील कुमार निरंजन सिंह ने संयुक्त रूप से कहा की कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में चालक-परिचालकों, क्लर्क का पे-ग्रेड बढ़ाना, 11 साल का बकाया दिवाली बोनस देना, 33 अर्जित अवकाश बहाल करना, 2016 के चालकों को पक्का किया जाये,बिना शर्त ओवरटाइम, रिस्क अलाउंस,चार घंटे ओवरटाइम ड्यूटी पर एक रेस्ट, 2008 में लगे परिचालको की उप निरीक्षक के पद पर पदोन्नति तथा वाशिंग भत्ता सहित अन्य वैधानिक लाभ लागू करना शामिल है। इसके अतिरिक्त कर्मचारी रोडवेज विभाग के निजीकरण की नीतियों का भी विरोध कर रहे हैं।
हरियाणा रोडवेज के 24 डिपो और 13 सब-डिपो में कार्यरत लगभग 20 हजार कर्मचारी 5 और 6 नवंबर को हड़ताल में शामिल होकर बसों का चक्का जाम करेंगे। इसके साथ हिसार और सिरसा डिपो पिछले 2 दिन से बंद है अगर प्रसासन द्वारा उन कर्मचारियों को प्रताड़ीत किया गया तो उसी समय पुरे हरियाणा के रोडवेज डिपो मे चका जाम कर दीया जायेगा ।हड़ताल के संबंध में 23 अक्टूबर को सभी डिपो महाप्रबंधकों के माध्यम से हरियाणा सरकार को नोटिस दिया गया था। इस दौरान गेट मीटिंग आयोजित कर कर्मचारियों की मांगों और हड़ताल के निर्णय के बारे में जानकारी दी गई थी।
हरियाणा सरकार से मांग की कि वह समय रहते हरियाणा रोडवेज सांझा मोर्चा की लंबित मांगों को स्वीकार करे, संबंधित अधिसूचनाएं जारी करे तथा मांगों को धरातल पर लागू करवाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी करना उचित नहीं है। सरकार को कर्मचारियों के हितों और प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए तत्काल सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
सांझा मोर्चा के नेताओं ने सर्व सहमति से यह फैसला लिया है कि महानिदेशक महोदय द्वारा 3 नवम्बर को सांझे मोर्चे से बातचीत के लिए जो पत्र जारी किया है वे इस मीटिंग का बहिष्कार करेंगे। उनकी मांग है कि उनकी मीटिंग माननीय परिवहन मंत्री और माननीय मुख्यमंत्री के साथ करवाई जाए।यदि सरकार ने समय रहते कर्मचारियों की मांगों को लागू नहीं किया, तो 5 और 6 नवंबर की दो दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल के कारण प्रदेश की जनता, विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों को होने वाली असुविधा तथा परिवहन विभाग के राजस्व को होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी। इस मोके पर अमित शर्मा जयभगवान अमन कुमार नवीन कुमार शिव कुमार अरुण कुमार गुरमेल रामनिवास लखपत राय सुनील कुमार राजवीर संदीप कुमार कमल आदि कर्मचारियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया
जारीकर्ता:
हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा