अर्चना कोचर की पुस्तक ‘अर्चना की जनिकाएँ’ का लोकार्पण

Written by

in


हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी पंचकूला और आदर्श जन सेवा एजुकेशन सोसायटी, डिंग (सिरसा) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित द्वितीय राष्ट्रीय जनिका सम्मेलन में भव्य पुस्तक लोकार्पण समारोह संपन्न हुआ। इस गरिमामयी आयोजन में वरिष्ठ साहित्यकार अर्चना कोचर की नवीनतम कृति ‘अर्चना की जनिकाएँ’ का विधिवत लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर साहित्यिक क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान पर भी प्रकाश डाला गया तथा श्रीमती अर्चना कोचर को प्रतिष्ठित ‘जनिका श्री सेवी सम्मान-2026’ से विभूषित किया गया। उपस्थित जनसमूह और प्रबुद्ध वर्ग ने करतल ध्वनि से उनका स्वागत किया। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में साहित्य का एक अनूठा संगम देखने को मिला, जिसमें हरियाणा के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों गणमान्य साहित्यकारों, विचारकों और रचनाकारों ने हिस्सा लिया तथा लगभग 55 साहित्यकारों की पुस्तकों का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने अर्चना कोचर की पुस्तक ‘अर्चना की जनिकाएँ’ की साहित्यिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए इसे समाज और संस्कृति को समृद्ध करने वाली एक बेहतरीन कृति बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार प्रो रूप देवगुण जी ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में डॉ. राजकुमार निजात जी, डॉ. ज्ञान प्रकाश पीयूष जी तथा अविनाश कौशल जी उपस्थित रहे। आदर्श जन सेवा एजुकेशन सोसायटी, डिंग (सिरसा) के संयोजक जनकराज शमी जी तथा संरक्षक शैलजा छाबड़ा जी ने सभी आगंतुक अतिथियों और साहित्यकारों का आभार व्यक्त किया।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *