दैनिक अमृत धारा/रविन्द्र पोपली : चण्डीगढ़ / मोहाली : पंजाब सरकार ने एक अधिसूचना जारी की है जिसके अंतर्गत नगर निगम, मोहाली की सीमाओं का विस्तार करते हुए एयरोसिटी, आईटी सिटी तथा सेक्टर 66, 81 से 86, 90 से 94 और पीएसआईईसी औद्योगिक सेक्टर 73 और 74 को शामिल किया गया है किंतु सेक्टर 121, बलोंगी और बड़माजरा जैसे क्षेत्रों को इस अधिसूचना से बाहर रखा गया है, जबकि इन क्षेत्रों को शामिल करने का प्रस्ताव दिसंबर 2021 में नगर निगम द्वारा पारित संकल्प में पहले ही किया जा चुका था। इसे लेकर आवासीय कॉलोनी एटीएस कासा एस्पाना, सेक्टर 121 के निवासियों में भारी रोष है। इस मुद्दे को लेकर आवासीय कॉलोनी की आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल वीके नैय्यर ( सेवानिवृत) की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में सभी सदस्यों ने एक स्वर में पंजाब सरकार के इस निर्णय की कड़ी निंदा की।लेफ्टिनेंट कर्नल वीके नैय्यर ( सेवानिवृत) ने बताया कि सेक्टर 121 स्थित आवासीय कॉलोनी एटीएस कासा एस्पाना को गमाडा द्वारा लाइसेंस संख्या एलडीसी-14/2013 और ज़ोनिंग प्लान ड्राइंग संख्या एसडी -1 दिनांक 7 जून, 2013 के अंतर्गत अनुमोदित किया गया था। परियोजना का चरण-1 पूरा हो चुका है और 500 से अधिक मालिकों को संपत्ति हस्तांतरित की जा चुकी है। वर्तमान में लगभग 500 परिवार इस कॉलोनी में निवास कर रहे हैं। यह कॉलोनी नगर निगम सीमा के अंतर्गत आने वाले सेक्टर 56 स्थित वेरका मिल्क प्लांट से सटी हुई है।लेफ्टिनेंट कर्नल वी.के नैय्यर ( सेवानिवृत) ने बताया कि एटीएस कासा एस्पाना के निवासियों में लगभग 40 सेवानिवृत्त और विशिष्ट सैन्य अधिकारी तथा पुलिस अधिकारी शामिल हैं जिन्होंने अपनी जीवनभर की जमापूँजी मोहाली में अपने अंतिम निवास के रूप में इस परियोजना में निवेश की हुई है। उन्हें कब्ज़ा मिलने में अत्यधिक विलंब और निर्माण की निम्न गुणवत्ता के कारण पहले ही काफी नुकसान उठाना पड़ा है। इसके अतिरिक्त, बिल्डर एटीएस इंफ्राबिल्ड प्रा. लि. तथा प्रशासन, दोनों ने यह आश्वासन दिया था कि जब भी नगर निगम की सीमाओं का विस्तार होगा, सेक्टर 121 को उसमें शामिल किया जाएगा। लेकिन हाल ही में जारी इस अधिसूचना में इस क्षेत्र को बाहर रखे जाने से स्थानीय निवासियों में गहरी निराशा और असंतोष पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि वे सभी एकजुट होकर इस मनमानी और अनुचित अधिसूचना का कड़ा विरोध करेंगे।लेफ्टिनेंट कर्नल वी.के नैय्यर ( सेवानिवृत) ने बताया कि सेक्टर 121 को नगर निगम की विस्तारित सीमाओं में शामिल किया जाना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि सेक्टर 121, सेक्टर 56 से सटा हुआ है, पूर्णतः शहरीकृत क्षेत्र है और राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित है, जो चण्डीगढ़ का प्रवेश द्वार है। कासा एस्पाना में लगभग 500 परिवार निवास कर रहे हैं, जिन्होंने गमाडा को 34 करोड़ रुपए के एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्जेज का भुगतान किया हुआ है। इस सेक्टर को अधिसूचना से बाहर रखना भेदभावपूर्ण है क्योंकि इससे निवासियों को वैध नागरिक सुविधाओं और नगर निगम सेवाओं से वंचित हो जाएंगे, जबकि यह एक पूर्ण विकसित शहरी समुदाय है।लेफ्टिनेंट कर्नल वी.के नैय्यर ( सेवानिवृत) ने पंजाब सरकार से मांग की है कि उपरोक्त तथ्यों पर गंभीरता से विचार करते हुए अधिसूचना में संशोधन किया जाए और सेक्टर 121 को नगर निगम, मोहाली की विस्तारित सीमाओं में शामिल किया जाए। अन्यथा, इस अधिसूचना के विरुद्ध निवासी संबंधित न्यायालय में कानूनी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होंगे।

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