दानचोरी बाद भी श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई लेकिन दानपेटियों में आने वाले चढ़ावे में भारी गिरावट दर्ज की गई।
पवित्र मंदिरों में दान चोरी से नाराज श्रद्धालुओं का कहना है कि पवित्र मंदिरों में दान चोरी से सभी को दुख हुआ है।
अभी मंदिरों के चढ़ावे में और भी कमी आएंगेगी आने वाले दिनो मे दान और चढ़ावा इसी प्रकार घटता जाएगा या दान देने कि व्यवस्था बदलेगी।
श्रद्धालु मंदिरों में अच्छी व्यवस्था चाहते जिससे पारदर्शिता और आस्था बनी रहें लेक़िन ऐसा हो नहीं रहा हैं।
इसलिए अब सोचते हैं कि अपने आसपास के किसी ग़रीब गुरबा की बेटी की शादी धूमधाम से कराई जाएं और गुरबा ग़रीब की बेटी की शादी में दान किया जाए और अपने आसपास किसी ग़रीब ज़रूरत मंदों की मदद की जाएं व भोजन कराया जाएं।
उत्तरप्रदेश। श्री राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद से श्रद्धालुओं में नाराजगी है, रिपोर्ट्स बताती हैं कि श्रद्धालुओं की संख्या में और आस्था में कोई कमी नहीं आई, लेकिन दानपेटियों में आने वाले चढ़ावे में भारी गिरावट दर्ज की गई है। सूत्रों की मानें तो पहले आम दिनों में दानपेटियों से 8 लाख से 12 लाख रुपए तक चढ़ावा निकाला जाता था, लेकिन अब ये सिर्फ़ 1 लाख के आस-पास पहुंच गया है। श्रद्धालु किस प्रकार की व्यवस्था चाहते जिससे पारदर्शिता-आस्था बनी रहें?
पवित्र मंदिरों में दान चोरी से नाराज श्रद्धालुओं का कहना है कि पवित्र मंदिरों में दान चोरी से सभी को दुख हुआ है। अभी मंदिरों के चढ़ावे में और भी कमी आएंगेगी आने वाले दिनो मे दान और चढ़ावा इसी प्रकार घटता जाएगा या दान देने कि व्यवस्था बदलेगी। श्रद्धालु मंदिरों में अच्छी व्यवस्था चाहते जिससे पारदर्शिता और आस्था बनी रहें लेक़िन ऐसा हो नहीं रहा हैं। इसलिए अब सोचते हैं कि अपने आसपास के किसी ग़रीब गुरबा की बेटी की शादी धूमधाम से कराई जाएं और गुरबा ग़रीब की बेटी की शादी में दान किया जाए और अपने आसपास किसी ग़रीब ज़रूरत मंदों की मदद की जाएं व भोजन कराया जाएं।
वहीं SIT की जांच के बाद चढ़ावे की गिनती से लेकर बैंक में जमा करने तक की व्यवस्था दुरुस्त की गई है।



